प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन करीब दस माह बाद एक बार फिर भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला स्थली आ रहे हैं। यह सरकारी कार्यक्रम मुख्यमंत्री की उन घोषणाओं की समीक्षा का है जो ब्रजवासियों के बीच की गई थी। इनमें गोवर्धन तहसील और ब्रज प्लानिंग बोर्ड का गठन मुख्य है। इन पर सरकार की ओर से कई कदम उठाए जा चुके हैं लेकिन योजनाएं अभी अंजाम तक नहीं पहुंची हैं।
पिछले एक साल में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मथुरा जिले का तीन बार दौरा कर चुके हैं। इस दौरान की गई उनकी घोषणाओं पर अमल होना अभी बाकी है। इन्ही की समीक्षा मुख्य सचिव सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में करेंगे। इन घोषणाओं में प्रमुख रूप से शामिल गोवर्धन तहसील, ब्रज प्लानिंग बोर्ड और करीब एक दर्जन सड़कों के विकास को शासन की स्वीकृति और धन की जरूरत है।
इसमें गोवर्धन तहसील और ब्रज प्लानिंग डेवलपमेंट बोर्ड को प्रदेश कैबिनेट की स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन गजट अब तक जारी नहीं हुआ है। ऐसे में तहसील और बोर्ड अमल में नहीं आ सका है। इसी तरह गोवर्धन बाईपास सहित करीब एक दर्जन सड़कों को फोरलेन में बदलने के लिए बजट का इंतजार है। हालांकि स्थानीय स्तर पर मुख्य सचिव की समीक्षा को देखते हुए अफसरों ने पूरी तैयारी कर ली है। संभावित किसी निरीक्षण के लिए भी प्रशासन तैयार है। इसमें जिला अस्पताल को प्रमुखता के साथ तैयार किया गया है। इसके लिए जिला अस्पताल तक आने वाली जर्जर सड़क की मरम्मत की जा रही है।