राधाकुंड (मथुरा)। विकास कार्य पर 60 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी गोवर्धन ब्लाक के गांव कुंजेरा की हालत नहीं सुधर सकी है। यहां जरूरी सुविधाओं का अभाव है। गांव के प्रमुख मार्गों और गलियों में नालियों का गंदा पानी बहता है। वहीं, यहां को कोई अस्पताल भी नहीं है।
बीमार होने पर लोगों को इलाज के लिए मथुरा या गोवर्धन जाना पड़ता है। वहीं, लोगों के लिए रेलवे अंडरपास भी मुसीबत बना हुआ है। यहां अक्सर पानी भरने से आवागन रुक जाता है।
गोवर्धन ब्लाक से आठ किलोमीटर दूर बसे गांव कुंजेरा की आबादी 3500 है।
इस ग्राम पंचायत से रामनगर ग्राम भी जुड़ा है। गांव जाने वाले प्रमुख मार्ग पर गंदगी पसरी पड़ी रहती है। गांव की ज्यादातर गलियों में कीचड़ व गंदगी पसरी पड़ी रहती है। सफाई कर्मी सफाई करने नहीं आते। घरों का गंदा पानी गलियों में बहता रहता है।
हैंडपंप पड़े हैं खराब
गांव लगे हैंडपंप खराब पड़े हैं। इसे ग्रामीणों ने पशु बांधने के तौर पर प्रयोग कर रखा है। इनको रिबोर और मरम्मत नहीं कराया गया है। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। गांव में चिकित्सालय तक नहीं है। बीमार होने की स्थिति में गोवर्धन और मथुरा की दौड़ लगानी पड़ती है।
अंत्येष्टि स्थल को लेकर होता है विवाद
गांव में अंत्येष्टि स्थल नहीं बना है। लोगों की मौत होने पर निजी व सार्वजनिक जमीन पर अंतिम संस्कार को लेकर अक्सर विवाद होते रहते हैं। पंचायत, ब्लाक व अन्य विकास कार्यों से जुड़े अफसर गांव में निरीक्षण करने नहीं आते।
ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी
अहम बात है कि गांव के निकट ग्रामीणों के गुजरने के लिए मथुरा अलवर रेल मार्ग पर अंडरपास बनाया है। रेलवे इंजीनियरों द्वारा बनाए गए अंडरपास में हर समय पानी व कीचड़ भरा रहता है। अंडरपास में न तो पाताल तोड़ बोरिंग कराई गई है और न ही टिन शेड लगाया गया है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। इसे लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया, रेल रोकी, लेकिन कोई समाधान नहीं सका है।
सफाईकर्मी नहीं आते हैं गांव में
गांव की गलियों में गंदगी पसरी रहती है। सफाईकर्मी सफाई करने नहीं आता। अफसर भी कभी गांव में निरीक्षण करने नहीं आते। ग्रामीण गंदगी में रहने को मजबूर है।
-चंदपाल निवासी गांव कुंजेरा
पानी के लिए लोगों को करना पड़ता है परेशानी का सामना
गांव मेें पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था चरमराई हुई है। गांव के हर तिराहे और चौराहे पर गंदगी का आलम है। गांव के हैंडपंप खराब पड़े हैं। उनको न तो रिबोर कराया गया और न मरम्मत ही कराई गई। पीने के पानी के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
-गोपाल सिंह निवासी कुंजेरा
अंडरपास में भरा रहता है पानी, ग्रामीण होते हैं परेशान
ग्रामीणों के रेलवे लाइन को पार कर दूसरी ओर जाने के लिए अंडरपास बनवाया गया है, लेकिन रेलवे इंजीनियरों की अज्ञानता के चलते यह योजना सफल नहीं है। ज्यादातर अंडरपासों में पानी व कीचड़ भरा रहता है। इससे ग्रामीणों के आवागमन में परेशानी होती है।
-लक्ष्मण शर्मा निवासी कुंजेरा
अफसर नहीं लेते सुध
गांव में अस्पताल और पशु हॉस्पिटल नहीं है। बीमार होने पर लोगों को मथुरा व गोवर्धन की दौड़ लगानी पड़ती है। गांव के मुख्य मार्ग पर गंदगी पसरी पड़ी है। सफाई के लिए कभी अफसरों ने सुध नहीं ली।
-रामसिंह यदुवंशी निवासी कुंजेरा
400 लोगों के बनवाए गए हैं शौचालय
-गांव मेें 400 लोगों के शौचालय बनवाए गए हैं। 24 गलियों में इंटरलॉकिंग खड़ंजा बनवाया गया है। स्कूलों में टाइल्स लगवाए हैं और सौंदर्यीकरण कराया है। टंकियों की मरम्मत व संचालन में खर्च किया गया है।
-कालीचरण फौजी ग्राम प्रधान