क्लैंसी इंटर कालेज के सात शिक्षकों के निलंबन के बाद अब प्रबंध समिति ने उनकी जांच शुरू कर दी है। इसके लिए बनाई गई समिति में प्राइवेट लोगों को रखने से शिक्षकों और शिक्षक संघ ने विरोध किया है।
क्लैंसी इंटर कालेज के प्रबंधक एसएन सिंह ने सात शिक्षकों को एक साथ निलंबित कर दिया था। निलंबन करने का कारण प्रधानाचार्य से अभद्रता बताया गया था। जबकि इस आधार को कार्यवाहक प्रधानाचार्य संजय पॉल ने नकारते हुए डीआईओएस को पत्र सौंपा था।
निलंबन के विरोध में जिले के सभी शिक्षक संघों ने धरना प्रदर्शन भी किया गया था। इसके बाद डीएम ने इसमें दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी थी। इस मामले में प्रबंध समिति से भी मामले की जांच कराई जा रही है।
प्रबंध समिति द्वारा बनाई गई तीन सदस्यीय समिति में शामिल चंदर मसीह इनग्राहम इंस्टीट्यूट में क्लर्क हैं, दूसरे सदस्य टीटू पीटर गाजियाबाद में पादरी और तीसरे सदस्य मसीह लाल भी पादरी हैं।
प्रधानाचार्य परिषद् के अध्यक्ष डॉ. अजयकृष्ण सारस्वत का कहना है कि सरकारी शिक्षकों की जांच प्राइवेट कर्मियों से कराया जाना नियमानुसार गलत है। जांच सदैव उच्च पद पर आसीन अथवा अधिक वेतनभोगी कर्मी से कराई जा सकती है।
कालेज प्रबंधक एसएन सिंह ने बताया कि जांच समिति का गठन प्रबंध समिति द्वारा किया गया है। समिति जांच के बाद जांच आख्या प्रबंध समिति को सौंपेगी। इसके बाद प्रबंध समिति ही इसमें कोई निर्णय लेगी।