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दो दिन में तीन बार मारपीट, छह भेजे थे जेल

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मथुरा। वीरेंद्र की मौत पर घर में बिलखती परिवार की महिलाएं। - फोटो : MATHURA
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मथुरा/छाता। दो दिन में मामूली सी बात पर हुई तीन दफा मारपीट में फांसी लगाने वाले वीरेंद्र सहित कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों के तीन-तीन लोगों को जेल भेजा था। दोनों पक्षों में सड़क पर पड़े भूसे को लेकर मारपीट हुई थी। बताया जाता है कि जेल में बंद वीरेंद्र ने पने भाई से मारपीट के मामले में जल्द ही समझौता करने को कहा था।
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छाता कस्बा के मोहल्ला सींगथोक निवासी वीरेंद्र उर्फ वीरू तथा बाबूलाल आदि में 22 अप्रैल की सुबह गली से भूसे के ऊपर से ट्रैक्टर निकालने को लेकर विवाद शुरू हुआ। दोनों पक्षों से कहासुनी के बाद मारपीट भी हो गई। इसके कुछ घंटे बाद फिर से मारपीट हो गई। अगले दिन सुबह 23 अप्रैल की सुबह फिर से मारपीट हो गई। इस मामले में पुलिस ने वीरेंद्र उर्फ वीरू, भाई सुभाष और भतीजे नीरेज तथा दूसरे पक्ष के भी तीन लोगों को जेल भेजा था।
इन सभी को मथुरा में थाना हाईवे के अंतर्गत रतनलाल फूलकटोरी विद्यालय में बनाई गई अस्थाई जेल में रखा गया था। थाना हाईवे इंस्पेक्टर के बताया कि वीरू ने 25 अप्रैल केे अपने भाई सुभाष से इस झगड़े में दूसरे पक्ष से समझौता करने की बात कही थी। जेल में रहने को लेकर वीरू दबाव में था। छाता कोतवाली प्रभारी ने बताया कि वीरू का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। शव परिजनों को कोविड-19 की जांच की रिपोर्ट आने के बाद दिया जाएगा। वरिष्ठ जेल अधीक्षक शैलेंद्र मैैत्रेय ने बताया कि 19 बंदियों की कोविड-19 की जांच भेजी जा चुकी है।
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छाता कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर था वीरू
छाता कोतवाली प्रभारी रवि त्यागी ने बताया कि वीरेंद्र उर्फ वीरू पर लूट, चोरी तथा अन्य मामलों के दस मुकदमे दर्ज थे। वीरू छाता कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर था और कई बार जेल भी जा चुका था।
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