ब्राह्मण महासभा और ब्रजवासी तीर्थ पुरोहित पंडा सभा
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श्रीबांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर प्रोजेक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद ब्राह्मण महासभा और ब्रजवासी तीर्थ पुरोहित पंडा सभा ने संयुक्त रूप से सरकार से अपील की है कि वह इस योजना पर पुनः विचार करे।
ब्राह्मण महासभा के संस्थापक सुरेश चंद्र शर्मा ने कहा कि सरकार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कॉरिडोर बनाना चाहती है, लेकिन इसके कारण वृंदावन की प्राचीन गलियों और ब्रजवासियों के घरों को तोड़ा जा रहा है। उनका कहना है कि ब्रजवासियों के घरों में सदियों पुराने मंदिर हैं जिनकी सेवा पीढ़ियों से की जा रही है।
ब्रजवासी तीर्थ पुरोहित पंडा सभा के अध्यक्ष श्याम सुंदर गौतम ने कहा कि सरकार एक ओर संस्कृति की रक्षा की बात करती है और दूसरी ओर खुद ही संस्कृति को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि सुविधाओं के लिए संस्कृति का विनाश नहीं होना चाहिए और सरकार को अन्य विकल्पों पर विचार करना चाहिए।
ब्राह्मण सेवा संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वंशी तिवारी और संस्कृति अध्येता गोपाल शरण शर्मा ने भी चिंता जताई। सभा के संरक्षक रामनारायण ब्रजवासी और नीरज गौड़ ने सुझाव दिया कि सरकार पहले यमुना नदी की सफाई कराए, कॉरिडोर बाद में भी बनाया जा सकता है। महेश भारद्वाज, वंशी शुक्ला, योगेंद्र ब्रजवासी, गोविंद पचौरी, भूरसिंह शर्मा, दीपक पाराशर आदि मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि सरकार जनता की भावनाओं का सम्मान करे और इस संवेदनशील मुद्दे पर गंभीरता से विचार करें।