गिरिराज नगरी में 17 नवंबर को मुख्यमंत्री के आगमन के लिए प्रशासनिक व्यवस्थाएं युद्ध स्तर पर चल रही हैं। कार्यक्रम स्थल कुसुम सरोवर के आसपास, परिक्रमा मार्ग में निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। कच्चे परिक्रमा मार्ग पर मिट्टी डालकर उसे समतल किया जा रहा है।
स्मारक कुसुम सरोवर पर रिपेयरिंग का कार्य चल रहा है। ऐतिहासिक धरोहर को मुख्यमंत्री के आगमन के चलते चमकाया जा रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के लिए सरोवर के पानी पर बड़ा फ्लोटिग मंच तैयार हो चुका है।
डीएम राजेश कुमार ने एसएसपी राकेश सिंह, एडीएम प्रशासन अजय कुमार अवस्थी, एसडीएम विश्वभूषण मिश्रा, तहसीलदार बृजपाल यादव, सपा नेता प्रदीप चौधरी, मुकेश सिकरवार आदि के साथ कुसुम सरोवर पहुंच कर तैयारियों का जायजा लिया।
चरकुला नृत्य से होगा आगाज
पत्थर पर बेजोड़ नक्काशी से पर्यटकों को आकर्षित करने वाले कुसुम सरोवर पर देश के विभिन्न प्रदेशों की संस्कृतियों की छटा बिखरेगी। महोत्सव का शुभारंभ 17 नवंबर को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव करेंगे। इसमें सबसे पहले ब्रज लोककला फाउंडेशन ब्रज के प्रसिद्ध अग्नि नृत्य चरकुला नृत्य की प्रस्तुति से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज करेगा। फाउंडेशन के दानी शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में छह चरकुला के साथ नृत्य होगा। इसके बाद प्रसिद्ध हलधर ग्रुप द्वारा 108 मृदंग और 108 मजीरा से प्रस्तुति दी जाएगी।
दस व्यक्तियों को सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री
कुसुम सरोवर पर आयोजित कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री मंच पर 10 नामचीन हस्तियों को सम्मानित करेंगे। इवेंट मैनेजर निहारिका ने बताया कि 10 सम्मानित किए जाने वाले व्यक्तियों में एक नाम मथुरा की सांसद हेमा मालिनी का भी है।
1500 लोगों के लिए व्यवस्था
कार्यक्रम में अधिकतम 1500 लोगों के शामिल होने की व्यवस्था की गई है। सभी पास के जरिए प्रवेश करेंगे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ कुछ मंत्री, सांसद और विधायक कार्यक्रम में शामिल होंगे।