बेताब दिखे श्रद्धालु
गौरतलब है कि अल सुबह श्री राधे हित केलिकुंज आश्रम से परिक्रमा मार्ग तक रमणरेती चौकी के पास तक पदयात्रा पर निकले तो महाराज को देखते ही राह तक लोगों ने उनके देखते ही प्रणाम किया और राधा नाम का जयकारा लगाया। संत प्रेमानंद महाराज ने सभी का अभिवादन स्वीकारा। संत के आने से पहले ही लोग उनके आश्रम से लेकर परिक्रमा मार्ग तक सड़क के दोनों ओर खड़े हो गए थे। यूं मानो कि संत प्रेमानंद महाराज से पदयात्रा तो की, लेकिन मार्ग का दायरा सिमट गया। महाराज ने सभी को आर्शीवाद दिया तो लोग भी उनकी छवि और यात्रा के दर्शय को मोबाइल में कैद करते हुए बेताब दिखे।
एकांतिक वार्तालाप थी जारी
संत प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए पिछले दिनों श्री राधेहित केलिकुंज आश्रम की ओर से यह पत्र सोशल मीडिया पर जारी किया गया था कि उनके स्वास्थ्य कारणों के कारण पदयात्रा कुछ दिन स्थगित रहेगी। लेकिन इस दौरान एकांतिक वार्तालाप जारी रही। लेकिन इस दौरान कुछ फर्जी और पुरानी वीडियो ने महाराज के स्वास्थ्य लेकर लोगों में महाराज के प्रति चिंताएं पैदा कर दीं। उनमें आस्था रखने वाले लोग दौड़कर उनसे मिलने आने लगे। इस बीच महाराज ने एकांतिक वार्तालप में अपने स्वस्थ्य होने बात कही तब लोगों को चैन मिला।
2006 में पता लगा था किडनी की परेशानी के बारे में
संत प्रेमानंद महाराज किडनी की परेशानी से पीड़ित हैं। सिम्स हॉस्टिपटल के चिकित्सक डॉ. आशीष शर्मा उनका इलाज करते आ रहे हैं। वह बताते हैं कि 2006 में महाराज के पेट में दर्द हुआ था। जब उन्होंने चिकित्सकों को दिखाया तब उन्हें किडनियों के खराब होने की जानकारी मिली।