जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य संबंधी कारणों से फिलहाल पदयात्रा के साथ-साथ एकांतिक दर्शन और एकांतिक वार्तालाप कार्यक्रम भी रोक दिए गए हैं। आश्रम प्रशासन कीाइ ओर से श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने और महाराज जी के स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना करने की अपील की गई है। हर दिन तड़के होने वाली संत प्रेमानंद महाराज श्रीराधे हित केलिकुंंज आश्रम से सौभरि वन जा रहे थे।
आश्रम से कार से जाने के बाद सौभरि वन में पदयात्रा कर श्रद्धालुओं के बीच पहुंचते थे। उनका स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण पदयात्रा सहित एकांतिक दर्शन और वार्तालाप का स्थगित होने से भक्तों में चिंता का माहौल है। श्रद्धालुओं का कहना है कि महाराज जी की पदयात्रा और सत्संग से उन्हें आध्यात्मिक शांति मिलती है।
मंगलावर को भी आश्रम के बाहर श्रद्धालु पहुंच गए थे। लेकिन परिकरों ने महाराज जी के न आने का समाचार दिया तो श्रद्धालु मायूस होकर लौटे। पूर्व में वह श्रीकृष्ण शरणम सोसाइटी स्थित अपने आवास से पदयात्रा करते हुए अपने आश्रम श्रीराधे हित केलिकुंज आश्रम तक पहुंचते थे लेकिन कुछ समय पहले ही उन्होंने सौभरि वन में पदयात्रा करना शुरू की थी।
गौरतलब है कि संत प्रेमानंद महाराज किडनी की समस्या से पीड़ित है। वह ऑटोसोमल डोमिनेंट पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज से ग्रसित है। उनकी रोजाना डायलिसिस होती है।