मथुरा में आंधी-बारिश ने शहर की बिजली व्यवस्था को ठप कर दिया। विभिन्न इलाकों में लाइनों में फॉल्ट आ गए। इससे करीब तीन घंटे तक आपूर्ति ठप रही। सुबह-सुबह बिजली गुल होने से लोग पानी के लिए परेशान रहे।
बारिश के चलते कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर बिजली के तारों पर गिर गईं, जिससे सप्लाई बाधित हो गई। शहरी क्षेत्रों में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिला, जहां बिजली न होने से पानी की सप्लाई ठप हो गई। घरों में मोटर न चल पाने के कारण पेयजल संकट गहरा गया।
सूचना मिलते ही विद्युत निगम की तकनीकी टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में फॉल्ट ढूंढकर उन्हें दुरुस्त किया। कई जगह पर लाइनों को ठीक करने के लिए पेड़ों की छंटाई करनी पड़ी। लगातार प्रयासों के बाद करीब तीन घंटे में आपूर्ति बहाल की जा सकी।
सदर निवासी रामपाल यादव ने बारिश में बिजली व्यवस्था ठप होने पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जर्जर लाइनों और पुराने उपकरणों के कारण यह समस्या बार-बार सामने आती है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता राजीव गर्ग ने बताया कि बारिश के दौरान सुरक्षा कारणों से कुछ क्षेत्रों में सप्लाई रोकी गई थी। टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। कुछ स्थानों पर फॉल्ट हुए थे। इन्हें ठीक कराने के बाद विद्युत सप्लाई सुचारू कराई गई।