जिले में सोमवार शाम आई तेज आंधी और बारिश ने विद्युत व्यवस्था का फ्यूज उड़ा दिया। तेज आंधी के चलते पेड़ों के साथ विद्युत खंभे और तार कई स्थानों पर टूट गए। जनपदवासी रातभर बिजली के लिए परेशान रहे। आगरा से गोकुल बिजलीघर पर आ रही लाइन में खराबी आने से करीब 17 घंटे बाद शहर की बिजली आपूर्ति सुचारु हो सकी।
सोमवार की शाम को शाम करीब छह बजे तेज आंधी के साथ बरसात आने पर विद्युत विभाग ने सावधानी बरतते हुए बिजली गुल कर दी थी। जब बरसात और आंधी बंद हुई तो उपभोक्ताओं में आस जगी कि अब विद्युत आपूर्ति जारी कर दी जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
आंधी और बारिश के चलते आगरा से गोकुल बिजलीघर पर आ रही लाइन में खराबी आ गई थी। गोकुल बिजलीघर पर भी तार टूट गया था। इससे जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई।
गोकुल बिजलीघर से आ रही लाइन के टूटे तार को ढूंढने के लिए बिजली कर्मचारी रात को पेट्रोलिंग करते रहे, लेकिन यह फॉल्ट मंगलवार तड़के करीब पांच बजे मिल सका। इसके बाद इसे सही कराने की कवायद शुरू हुई। यह प्रयास मंगलवार को करीब साढे़ दस बजे जाकर सफल हुआ। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे शहर के लिए बिजली आपूर्ति सुचारु की जा सकी। हालांकि रात में रोस्टिंग के अनुसार बिजली दी गई, लेकिन यह ऊंट के मुंह में जीरे के समान रही।
पानी को तरसते रहे लोग
सोमवार रात भर बिजली गायब रहने और मंगलवार सुबह 11 बजे के करीब आने के चलते शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मंगलवार सुबह पानी का संकट भी रहा। लोग बिजली न रहने के चलते मोटर और सबमर्सिबल नहीं चला सके। वहीं नगर पालिका की ओर से लगवाए गए नलकूप भी नहीं चल सके। इससे लोग पानी के लिए इंतजार करते रहे।
रात में ही डिस्चार्ज हो गए इनवर्टर
सोमवार की शाम करीब छह बजे के बाद आई आंधी-बारिश के बाद विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई थी। प्रारंभ में इनवर्टर ने काम किया लेकिन देर रात वह भी डिस्चार्ज हो गए।
अधिकारियों से नहीं मिला जवाब
17 घंटे तक विद्युत आपूर्ति के लिए परेशान लोगों को जब बिजली अधिकारियों की ओर से उचित जवाब नहीं मिले तो और झुंझलाहट हुई। अधिकारी फॉल्ट की बात कहते लेकिन ये कब तक ठीक हो पाएगा इसके बारे में जानकारी नहीं दे पाते। रातभर बिजलीघरों और विद्युत विभाग के अधिकारियों के फोन की घंटी बजती रहीं।