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'गंगाजल' से भी नहीं हो सका यमुना नदी का उद्धार, घाटों पर गंदगी का अंबार

Sat, 29 Feb 2020 05:10 PM IST
आगरा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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यमुना नदी - फोटो : Amar Ujala
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आगरा आगमन पर मथुरा के यमुना भक्तों को सात दिन का सुख दे गया। उनके जाने के बाद ही यमुना का जलस्तर कम हुआ और घाटों पर गंदगी आ गई। 30 नालों की गंदगी को यमुना में पहुंचने से रोकने में सरकारी सिस्टम पूरी तरह फेल है। अब श्रद्धालु ही सफाई में जुटे हैं।

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प्राग घाट, श्याम घाट, रामघाट, अक्रूर घाट, दाऊजी घाट, बंगाली घाट की हालत ऐसी है कि श्रद्धालु स्नान और आचमन तक नहीं कर सकते। घाटों की सफाई के लिए सबमर्सिबल से पानी डाला जा रहा है।
 

अमेरिका के राष्ट्रपति 24 फरवरी को आगरा आए थे। यमुना की गंदगी छिपाने के लिए जलस्तर बढ़ाया गया। इसके लिए हरिद्वार से 17 फरवरी को 500 क्यूसेक गंगाजल छोड़ा गया, जो 24 फरवरी तक 2100 क्यूसेक हो गया।

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गंगाजल हरिद्वार से बुलंदशहर कोट स्कैप से खुर्जा हेड तक आया और वहां से मथुरा गोकुल बैराज से आगरा पहुंचा। 24 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप के जाने के बाद हरिद्वार से गंगा जल रोक दिया गया। पानी का बहाव बंद होने से जलस्तर कम हो गया और गंदगी ऊपर आ गई।

पिछले तीन दिन से घाटों पर श्रद्धालु गंदगी से परेशान हैं। श्रद्धालु और विश्व धर्म रक्षक दल के कार्यकर्ता खुद ही सबमर्र्सिबल चलाकर गंदगी साफ कर रहे हैं।

मंत्रियों और अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप

यमुना नदी में गंदगी - फोटो : Amar Ujala
यमुना में गंदगी का मुद्दा वर्षों से लखनऊ से दिल्ली तक गूंज रहा है, लेकिन इसका समाधान नहीं हो रहा। विश्वधर्म रक्षक दल के अध्यक्ष विजय चतुर्वेदी का कहना है कि वह यमुना में सफाई का मामला मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक पहुंचा चुके हैं। वहां से उनके पास पत्र भी आए हैं।
 
पत्रों में यहां तक जानकारी दी है कि इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। विजय चतुर्वेदी मंत्रियों और अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी सही जानकारी ऊपर तक नहीं पहुंचा रहे। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद हैं, जबकि उन्हें कागजों में चालू बताया जा रहा है।
 
पिछले दिनों ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा होलीगेट आए और चले गए उन्होंने यमुना की गंदगी को देखना उचित नहीं समझा। इसी तरह बुधवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत रमणरेती आश्रम में आए और यमुना की गंदगी पर बयान देकर चले गए, यमुना की गंदगी देखने नहीं आए।
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यमुना की सफाई के लिए नालों को रोकना जरूरी

यमुना में शहर के करीब 30 नालों का पानी गिर रहा है। जब तक नालों का पानी नहीं रोका जाता यमुना की सफाई नहीं हो सकती। हालांकि कई स्थानों पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए हैं, लेकिन उनकी क्षमता नालों में पहुंच रहे पानी की मात्रा से काफी कम है। इसको देखते हुए वर्तमान में नए प्लांट तैयार किए जा रहे हैं।
 
24 फरवरी तक थे गंगाजल छोड़ने के निर्देश

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगमन को लेकर हरिद्वार से गंगाजल यमुना में छोड़ा गया था। 17 फरवरी से 24 फरवरी तक ही गंगाजल छोड़ने के निर्देश थे। 24 फरवरी को गंगाजल बंद कर दिया गया।- धर्मेंद्र फोगाट, अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग

सफाई के लिए काम कर रहा यमुना मिशन

यमुना की सफाई और यमुना के आसपास प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाने के लिए यमुना मिशन काम कर रहा है। वृंदावन से गोकुल तक काफी क्षेत्र में पौधे लगाए गए हैं। पूर्व में जो गंदगी थी, अब नहीं है। बच्चों के लिए झूले और लोगों के टहलने के लिए मनमोहक स्थान तैयार किया गया है।- प्रदीप बंसल, यमुना मिशन के फाउंडर
 
नमामि गंगे के कर्मचारी कर रहे सफाई

यमुना की सफाई पर लगातार नजर रखी जा रही है। श्रद्धालुओं को परेशानी न हो इसके लिए नमामि गंगे के कर्मचारी घाटों पर सफाई के लिए लगाए गए हैं। कर्मचारियों के पास सफाई के पर्याप्त साधन हैं। हो सकता है कि कुछ श्रद्धालु अपनी स्वेच्छा से सफाई कर रहे हों। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार हो जाने के बाद नालों का पानी यमुना में नहीं जाएगा। प्लांट इसी वर्ष अंत तक तैयार हो जाएगा। -रविंद्र कुमार मांदड़, नगर आयुक्त
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