मथुरा। बालाजीपुरम में रहने वाले सेना की 18वीं जाट रेजीमेंट के शहीद सैनिक बबलू सिंह के परिजन उस समय आश्चर्यचकित रह गए, जब हाईवे पुलिस एवं पीआरवी की दो टीमें उनकी बेटी गरिमा का जन्मदिन मनाने के लिए गिफ्ट और केक लेकर पहुंची।
शहीद के भाई सतीश सिंह ने बताया कि यह वाकई हम सबके लिए तो बहुत सुखद अनुभव था ही लेकिन भतीजी गरिमा के लिए बहुत ही आश्चर्य व खुशियों से भरा मौका था। उन्होंने बताया कि उसे उसके पिता शहीद बबलू सिंह बेहद प्यार करते थे। पांच साल पहले उनकी शहादत के वक्त वह केवल चार साल की थी। उसका भाई द्रोण उससे दो साल बड़ा है।
मूलत: फरह के झंडीपुर के रहने वाले हैं। बबलू सिंह साल 2016 में जम्मू और कश्मीर के कुपवाड़ा के नोगांव सेक्टर में सीमा पर घुसपैठ करने का प्रयास कर रहे आतंकवादियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि शहीद बबलू सिंह की वीरता और बहादुरी को सम्मान देते हुए उनकी बेटी को पिता की कमी न खले, इसलिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनके घर जाकर जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएं दीं।