एक ओर एसडीएम महावन गरिमा सिंह छात्राओं को सुरक्षा का पाठ पढ़ा रहीं हैं तो दूसरी ओर पुलिस छेड़छाड़ के आरोपी को थाने से छोड़ रही है। ऐसे में बेटियों के लिए सुरक्षा का माहौल एक सवाल बनकर रह गया है।
बता दें कि कस्बा में एक छात्रा को युवक ने परेशान करते हुए जबरन मोबाइल देने की कोशिश की थी। इस पर छात्रा ने विरोध किया और आसपास के लोगों ने छेड़छाड़ के आरोपी की पकड़कर धुनाई कर दी। बाद में पुलिस को सौंप दिया। छात्रा ने आरोपी के खिलाफ तहरीर भी दी। इस घटना के बाद बुधवार को एसडीएम गरिमा सिंह राया के बालिका कालेज पहुंची थीं। यहां उन्होंने छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया और महिला सुरक्षा कानून की जानकारी दी।
प्रेमलता बालिका महाविद्यालय पहुंची एसडीएम ने छात्राआें को बताया कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कानून तैयार किए हैं। हेल्पलाइन नंबर भी हैं। वे कहीं से भी फोन कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। कालेज के आसपास मंडराने वाले असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई के लिए पुलिस को भी निर्देशित किया है।
कालेज समिति ने भी छात्राओं को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। यह सब चल ही रहा था कि लोगों को पता चला कि पुलिस ने छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपी को थाने से छोड़ दिया है। यह बात क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। बेटियों की सुरक्षा को लेकर लोग तरह-तरह के सवाल कर रहे हैं। साथ ही पुलिस-प्रशासन के तालमेल पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।