मथुरा के थाना नौहझील पुलिस ने सत्यापन के दौरान ईंट-भट्ठों पर मजदूरी कर रहे महिला-पुरुष व बच्चों सहित 90 बांग्लादेशियों को हिरासत में लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ में जुटी है।
मथरा के नौहझील क्षेत्र के दो ईंट भट्ठों से पकड़े गए 68 बांग्लादेशियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। साथ ही 31 मोबाइल फोन समेत अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। पूछताछ के बाद पुलिस ने सभी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। इनमें 22 बच्चे भी शामिल हैं। फिलहाल पुलिस विभिन्न स्थानों पर सर्च ऑपरेशन भी चला रही है।
पुलिस के मुताबिक क्षेत्र के ईंट भट्ठों पर बिहार, मध्यप्रदेश, असम सहित अन्य राज्यों के मजदूर ईंट पथाई का काम करते हैं। शुक्रवार को सत्यापन के दौरान ईंट-भट्ठों पर मजदूरी कर रहे महिला-पुरुष व बच्चों सहित 90 बांग्लादेशियों को हिरासत में लिया था। यह गांव खाजपुर स्थित मोदी ईंट भट्ठा और सेऊपट्टी स्थित आरपीएस ईंट उद्योग भट्ठे पर काम कर रहे थे। इनमें 35 पुरुष, 27 महिला, 28 बच्चे शामिल हैं।
पूछताछ के बाद पुलिस ने शनिवार को 37 पुरुष व 31 महिलाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। कोर्ट में पेश करने के बाद सभी को जेल भेज दिया। इनके कब्जे से 31 मोबाइल, दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस पूछताछ में बांग्लादेशियों ने बताया है कि वह 10-15 साल पहले वे भारत आए थे। इसके बाद हरियाणा, गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली और अलीगढ़ समेत अन्य शहरों में काम करते रहे। वह सात माह पहले नौहझील क्षेत्र में काम करने के लिए आए थे।
इन धाराओं में लिखा मुकदमा
पुलिस ने 37 पुरुष व 31 महिलाओं समेत 68 बांग्लादेशियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा लिखा है। इनमें 14 विदेशी अधिनियम 1946 एवं धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) बीएनएस की धारा शामिल हैं। विदेशी अधिनियम 1946 की धारा 14 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति इस प्रावधान का उल्लंघन करता है, तो उसे 5 वर्ष तक की सजा और जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं अन्य धाराएं दस्तावेजों से जालसाजी एवं इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख से छेड़छाड़ से संबंधित हैं।