मथुरा। वैसे तो निमोनिया साधारण बीमारी है, लेकिन यदि समय पर इलाज न कराया जाए और इलाज में लापरवाही बरती जाए तो यह जानलेवा हो सकता है। ठंड के मौसम में निमोनिया के मामले तेजी से बढ़ते हैं। बच्चों, बुजुर्गों के साथ कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं लोगों के लिए इस समय विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होती है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि निमोनिया फेफड़ों का संक्रमण है। इसमें सांस लेने में तकलीफ, बुखार और सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। यदि समय पर इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा रूप ले सकता है। छोटे बच्चे और बुजुर्ग इस बीमारी की चपेट में जल्दी आते हैं, क्योंकि उनकी बीमारी से लड़ने वाली प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसके अलावा पहले से शुगर, अस्थमा या हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। लगातार बुखार आने और ठंड लगने की घटना को गंभीरता से लेना चाहिए। साथ ही तत्काल चिकित्सक से उपचार कराना चाहिए।
उन्होंने बताया कि निमोनिया के चलते किसी व्यक्ति की मौत हुई हो ऐसा संज्ञान में नहीं है। पूरा और समय पर उपचार ही निमोनिया से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है।
निमोनिया के मुख्य लक्षण
तेज बुखार और ठंड लगना
सांस लेने में तकलीफ या तेज सांस चलना
लगातार खांसी और सीने में दर्द
कमजोरी और भूख न लगना
निमोनिया से बचाव के उपाय
मौसम के अनुरूप कपड़े पहनें और ठंडी हवा से बचें।
धूल और धुएं से दूर रहें।
टीकाकरण करवाएं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों का।
किसी भी लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।