एक साल पहले राजनीति में नया अध्याय जोड़ देने वाले भारी बहुमत से देश की सत्ता में आई सरकार का रिपोर्ट कार्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को यहां पेश किया। तब अच्छे दिनों का वादा करने वाले मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और भीड़ से ही तस्दीक कराई कि बुरे दिन गए।
प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार को निशाने पर रखते हुए कहा कि बुरे दिन उनके ही आए जो देश और देशवासियों के साथ बुरा कर रहे थे। 46 डिग्री की खौलती गर्मी में बल्कि यह चेतावनी भी दे डाली कि उनके और बुरे दिन आएंगे। जिनकी उम्मीद की जा रही थी उन घोषणाओं से प्रधानमंत्री ने परहेज किया लेकिन अगले चार साल के सपने दिखाना नहीं भूले।
फरह स्थित दीनदयाल धाम के मैदान में आयोजित ‘जनकल्याण सभा’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण की शुरूआत भारत माता की जय के नारे से किया। उन्होंने भारतीय जनसंघ (अब भाजपा) के संस्थापकों में से एक और एकात्म मानववाद व अंत्योदय सरीखा चिंतन देने वाले पंडित दीनदयाल की जन्मस्थली को रिपोर्ट कार्ड पेश करने की जगह चुनने का कारण भी बताया।
इसे कृष्ण के कर्मयोग और दीनदयाल जी की सादगी और निरंतर कर्मरत जीवन से प्रेरणा लेने की कोशिश कहा। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती तो एक वर्ष पूरा होने का जश्न दिल्ली जैसे किसी बड़े शहर में कर सकती थी लेकिन इसके लिए उन्होंने पं. दीनदयाल की धरती को चुना।
अपनी सरकार को गरीबों और किसानों की सरकार बताते हुए उन्होंने महात्मा गांधी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और लोहिया को प्रेरणास्त्रोत बताया। कहा कि इन्हीं तीनों महापुरुषों के चिंतन में गांव, गरीब और किसानहित की राह दिखाता है। ये भारतीय राजनीति का मार्गदर्शक हैं।
मोदी ने यूपीए को घोटालों की सरकार बताया। कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान भारत की धाक पूरी दुनिया में बढ़ी है। देश में घोटालों की सरकार का खात्मा हुआ और भ्रष्टाचार में कमी आई। उन्होंने सीधे लोगों से पूछा कि एक वर्ष के शासनकाल में किसी तरह के घोटाले की खबर तो नहीं सुनी? यूपीए सरकार में यह आम बात थी। उन्होंने सरकार में परिवारवाद के खात्मे का भी दावा किया।
इस एक साल में किसी नेता या उसके परिजन के खिलाफ कोई शिकायत नहीं आई, इसकी भी तस्दीक उन्होंने भीड़ से कराई। कहा कि देश की जनता ने भाजपा को पूर्ण बहुमत दिलाकर परिवारवाद की राजनीति को जड़ से उखाड़ फेंका। पीएम ने कहा कि पिछले तीस वर्षों में जितनी बिजली पैदा हुई उतनी एनडीए के एक वर्ष के शासनकाल में हुई है। पीएफ के अनक्लेम्ड 27 हजार करोड़ रुपये का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह कामगारों-मजदूरो का पैसा है। उन
तक न पहुंचाने का पाप पूर्ववर्ती सरकार ने किया है। उनकी सरकार इसे लौटाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि अब जिनके बुरे दिन आए हैं वह चीख रहे हैं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि जिनके बुरे दिन अब आए हैं उनके अच्छे दिन आने की कोई गारंटी नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पहले केंद्र से जो एक रुपया जाता था, लोगों तक इसका कुछ ही पहुंच पाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है। मोदी ने कहा कि अब दिल्ली के गलियारों में दलालों के लिए कोई जगह नहीं बची है। अब दिल्ली से चला एक-एक पैसा लोगों तक पहुंचता है।
अपनी सरकार की उपलब्धि का जिक्र करते हुए कहा कि अब सिलेंडर सब्सिडी का पैसा भी सीधे खाते में पहुंचता है। भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं रही है। कोयला ब्लॉक आवंटन का उदाहरण देते हुए कहा कि नई सरकार ने अभी 200 में से 29 ब्लॉक की नीलामी की है। इससे ही केंद्र सरकार ने तीन लाख करोड़ रुपये कमाए हैं। उन्होंने कहा कि इस राशि का कुछ हिस्सा संबंधित आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर खर्च किया जाएगा।
जनधन योजना को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि योजना में 15 करोड़ से ज्यादा खाते खुले हैं। अब गरीब मनरेगा में काम करेगा तो उसका पैसा सीधे खाते में जाएगा। कहा कि 12 करोड से ज्यादा लोगों को सीधे खाते में सब्सिडी दी जा रही है। मोदी ने कहा कि पिछले 60 सालों में तीन लाख किसानों ने आत्महत्याएं की हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अब हर किसान खुशहाल होगा। इसके लिए स्वाइल कार्ड योजना शुरू की है।
अगले पांच साल में हर किसान को कार्ड उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया गया है। खाद और यूरिया पर नीम की कोटिंग की जा रही है, जिससे उसकी चोरी रोकी जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार खाद कारखानों की क्षमता बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है। देश में तीन नये उवर्रक कारखाने लगाए जाएंगे। इससे 20 हजार टन खाद का उत्पादन बढ़ेगा। साथ ही हर कारखाने को एक ही दर गैस उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है।
इसके बाद पीएम ने युवाओं के लिए स्किल डेवलेपमेंट प्रोग्राम शुरू करने और मुद्रा बैंक की उपलब्धि को जनता के सामने रखा। पीएम बोले कि देश में छह करोड़ छोटे व्यापारी, कामगार ऐसे हैं जो 12 करोड़ को रोजगार देते हैं। लेकिन उन्हें जरूरत पर पैसा नहीं मिलता। अब मुद्रा बैंक उन्हें 10 हजार से 10 लाख रुपये का कर्ज उपलब्ध कराएगी। प्रधानमंत्री ने पर्यटन को बढ़ावा देने की भी बात कही। मोद ने 2022 तक हर गरीब को घर देने का वादा किया है।