ठाकुर राधासनेह बिहारी मंदिर में मंगलवार को अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा का हीरक जयंती समारोह राष्ट्रीय अध्यक्ष महेशदत्त शर्मा की अध्यक्षता में मनाया गया। इसमें 61 विप्रजनों को उत्कृष्ठ सेवाकार्य के लिए सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, यमुना को प्रदूषण मुक्त कराने, मांस-मदिरा की बिक्री पर प्रतिबंध, मंदिरों का अधिग्रहण न होने देने, जातिगत आरक्षण के बजाय आर्थिक आरक्षण, ब्रजक्षेत्र को तीर्थस्थल घोषित कराने, ब्रज के प्राचीन स्वरूप के संरक्षण के साथ संस्कृत भाषा को सरकारी स्तर पर प्रोत्साहित करने संबंधी प्रस्ताव पारित किए गए।
महोत्सव में महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेशदत्त शर्मा ने कहा कि आज संपूर्ण विश्व की निगाह विप्रों की ओर है क्योंकि विप्रों के पास अथाह ज्ञान, धर्म और कर्म की पराकाष्ठा है। जिलाध्यक्ष रमेशदत्त शर्मा ने कहा कि आज देश में गौ हत्या रोकने पर ही देश और समाज का उत्थान संभव हो सकेगा। हम सब विप्रजनों को एकता और अखंडता के सूत्र में बंधकर सोचना होगा।
नगर अध्यक्ष आचार्य अतुलकृष्ण गोस्वामी ने कहा कि गोमाता के संरक्षण, हिंदू संस्कृति की रक्षा, यमुना के स्वरूप का संरक्षण, राष्ट्ररक्षा, संस्कार युक्त शिक्षा जैसे उद्देश्यों को लेकर पंडित मदनमोहन मालवीय ने अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा की स्थापना की थी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में संपूर्ण भारतवर्ष में विप्रों की एकता, निर्धन कन्याओं के विवाह, बच्चों की शिक्षा, गोपालन, चिकित्सा, समाजसेवा जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाकार्य महासभा द्वारा नि:स्वार्थ भाव से किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय प्रवक्ता बिहारीलाल वशिष्ठ ने हीरक जयंती समारोह के उद्देश्य से अवगत कराया।
पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम ने कहा कि आज यदि हम एक नहीं हुए तो देशवासियों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस अवसर पर मांट विधायक श्यामसुंदर शर्मा, पूर्व विधायक हुकुमचंद्र तिवारी, अमित भारद्वाज, कृष्णमुरारी दीक्षित, कीर्तिपाल शर्मा, गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, अंजू पांडेय, महेंद्र सिंह शर्मा, सौरभ गौड़, रमेश दीक्षित, सुशीलचंद्र शर्मा, अशोक गोस्वामी, केसी गौड़, जनार्दन आदि उपस्थित रहे।