मथुरा। पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार को ऐतिहासिक कदम उठाया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअप), केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (सीआईआरजी), मखदूम और सामाजिक वानिकी प्रभाग के बीच महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल केंद्र व राज्य सरकार के एक पेड़ मां के नाम अभियान, कार्बन सिंक निर्माण, भूमि क्षरण नियंत्रण और जैव विविधता संरक्षण जैसे राष्ट्रीय उद्देश्यों को पूरा करेगी।
समझौते के तहत सीआईआरजी पौधरोपण के लिए भूमि उपलब्ध कराएगा वहीं सामाजिक वानिकी प्रभाग पौधरोपण, सिंचाई, सुरक्षा और आगामी 10 वर्षों तक पौधों के रख-रखाव की जिम्मेदारी संभालेगा। स्थानीय पारिस्थितिकी के अनुकूल पौधों का चयन किया जाएगा।
इस मौके पर सीआईआरजी के निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेटली ने कहा कि संस्थान कृषि और पशुपालन अनुसंधान के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक श्रीवेंकटा श्रीकर पटेल (आईएफएस) ने कहा कि पौधों की सुरक्षा के लिए समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण और संयुक्त समीक्षा बैठकें होंगी।