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UP: अयोध्या के श्रीराम मंदिर में लगे 'गुलाबी पत्थर' ने मथुरा में मचा दी हलचल, पुलिस-प्रशासन अलर्ट; जानें मामला

Thu, 06 Aug 2026 08:45 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

श्रीचित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज के मथुरा में कारसेवा के एलान के बाद से पुलिस-प्रशासन अलर्ट है। महाराज ने घोषणा की है कि कारसेवा के लिए पत्थर मंगाया गया है। ऐसे में खुफिया विभाग ने आश्रम की निगहबानी शुरू कर दी है। 
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मथुरा में कारसेवा का एलान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन की तर्ज पर मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के लिए कारसेवा का एलान होने के बाद पुलिस-प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। श्रीचित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने 9 अगस्त को कारसेवा का शंखनाद करने की घोषणा की है। इसके लिए राजस्थान के भरतपुर के बंसी पहाड़पुर से पांच हजार टन गुलाबी पत्थर मंगाया गया है। यह वही पत्थर है, जिसका इस्तेमाल अयोध्या के श्रीराम मंदिर निर्माण में हुआ था। बृहस्पतिवार को पत्थर आने की सूचना पर खुफिया विभाग और पुलिस की निगाहें आश्रम पर टिकी रहीं।
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बृहस्पतिवार को स्वामी सच्चिदानंद ने बताया कि बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्रम पहुंचकर न्यायालय में मामला विचाराधीन होने की बात कहते हुए विवाद से बचने की सलाह दी थी। उन्होंने अधिकारियों को भरोसा दिया है कि कोई भी विवाद पैदा नहीं किया जाएगा। कारसेवा की घोषणा का कार्यक्रम 9 अगस्त को श्रीचित्रगुप्त पीठ के प्रांगण में ही किया जाएगा। आश्रम परिसर में शिलापूजन और नक्काशी कार्य का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1990 में रामलला मुक्ति आंदोलन से प्रेरणा लेकर इस कारसेवा की रणनीति तैयार की गई है।

 

आपसी समाधान से बचने का आरोप
पीठाधीश्वर ने कहा कि शाही ईदगाह मस्जिद पक्ष के पास कोई ठोस साक्ष्य नहीं हैं। वे केवल प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 का हवाला देकर मामले को उलझाने का काम कर रहे हैं। आरोप लगाया कि अदालत के आपसी समाधान के सुझाव के बावजूद मस्जिद के पक्षकार इससे बच रहे हैं। ऐसे में कारसेवा करने का निर्णय लिया गया है।

 

धीरेंद्र शास्त्री और संत समाज का समर्थन
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज सहित सभी 13 अखाड़ों के संतों ने कारसेवा को अपना समर्थन दिया है। इसके अलावा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री तथा देश के प्रमुख कथावाचकों ने भी अपना समर्थन दिया है।

 
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आंदोलन में लाखों लोगों के जुड़ने का दावा
उन्होंने कहा है कि 4 जुलाई को की गई घोषणा के बाद से अब तक लाखों कृष्ण भक्त और संत-महात्मा इस मुहिम से जुड़ चुके हैं। 9 अगस्त को चित्रगुप्त पीठ में देशभर के साधु-संतों की मौजूदगी में शिला पूजन के बाद कारसेवा का शंखनाद किया जाएगा।

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