रिफाइनरी। भीषण गर्मी में आस्था से सराबोर ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा लगा रहे श्रद्धालुओं पर पुलिस का डंडा चला तो आक्रोश फैल गया। परिक्रमार्थियों और पुलिस में पहले नोकझोंक और फिर झड़प हो गई। बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने पुलिस के डंडे छीन लिए और धकियाना शुरू कर दिया। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने नाविकों को धमका दिया। श्रद्धालुओं में गुस्सा इस बात को लेकर था कि उन्हें पौराणिक स्थल, घाट और मंदिरों के दर्शन करने से जबरन रोका जा रहा है।
सोमवार सुबह थाना महावन पुलिस ने टाटंबरी आश्रम बल्लभघाट पर परिक्रमार्थियों को रोकना शुरू कर दिया। यहां से परिक्रमार्थी नाव द्वारा यमुना पार कोयला घाट होते हुए जाते हैं। रोके जाने से परिक्रमार्थियों में आक्रोश फैल गया। पहले तीखी नोकझोंक हुई और फिर परिक्रमा लगा रहे श्रद्धालुओं का गुस्सा फूट पड़ा। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी हुई तो पुलिस के हाथ पैर फूल गए।
इसके बाद पुलिस ने नाविकों को नाव नदी किनारे से हटाने और परिक्रमार्थियों न बैठाने की धमकी देनी शुरू कर दी। इससे परिक्रमार्थियों को यमुना की धारा के बजाय 7 किलोमीटर अधिक पैदल चलकर गोकुल बैराज के रास्ते जाना पड़ा। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गंगा दशहरा के चलते श्रद्धालुओं को बल्लभघाट पर रोका गया था ताकि भीड़ में कोई हादसा न हो। पुलिस से झड़प जैसी कोई बात नहीं है बाद में परिक्रमा पुराने मार्ग से ही गुजारी गई।
एक दर्जन भंडारे लगे, नहीं पहुंचे श्रद्धालु
प्राचीन ब्रजचौरासी कोस की परिक्रमा में कोईला घाट से होकर श्रद्धालु टाउनशिप तक जाते हैं। इस रास्ते पर लोगों ने परिक्रमार्थियों के स्वागत और जलपान के लिए भंडारे लगाए लेकिन पुलिस ने परिक्रमा को बल्लभ घाट से मोड़ दिया ऐसे में भंडारा लगाने वाले मायूस हो गए।
कोयल घाट पर खड़ी हुई नाव