मथुरा। आयुषी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के बाद सुबूत जुटाने में जुटी राया पुलिस और स्वॉट टीम ने मंगलवार को हत्यारोपी माता-पिता को जेल भेज दिया। इससे पहले टीम हत्यारोपी के मकान नबंर २४६१, स्ट्रीट नंबर ६५, ब्लॉक ई/२ मोलरबंद एक्सटेंशन, बदरपुर, नई दिल्ली पहुंचकर राया पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने महत्वपूर्ण तथ्य जुटाए। बेटी की हत्या करके आरोपी पिता ने ट्रॉली बैग में लाश रखकर कमरे में ताला लगा दिया। इस पूरे घटनाक्रम का आयुषी के भाई को पता नहीं था।
१८ नवंबर को यमुना एक्सप्रेसवे के माइल स्टोन १०८ की सर्विस रोड पर कृषि अनुसंधान केंद्र राया के पास झाड़ियों में खून से लथपथ ट्रॉली बैग में बीसीए की छात्रा आयुषी(२२) का शव मिला था। पुलिस ने ४८ घंटे में आयुषी की पहचान करने में कामयाबी हासिल कर ली। २१ नवंबर को आयुषी हत्याकांड का कार्यवाहक एसएसपी मार्तंड प्रकाश सिंह ने खुलासा करते हुए हत्यारोपी पिता नितेश यादव और मां ब्रजबाला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्यारोपी दंपती को कड़ी सजा दिलाने के लिए सोमवार को कोर्ट में पेश नहीं किया। प्रभारी निरीक्षक ओमहरि वाजपेयी और राया कट चौकी प्रभारी हरेंद्र कुमार के अलावा फॉरेंसिक टीम को दिल्ली आयुषी के मकान पर भेजा गया। यहां पर आयुषी के कमरे फॉरेंसिक टीम ने खून के सैंपल के अलावा महत्वपूर्ण तथ्य एकत्रित किए। वहीं पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
सीसीटीवी फुटेज में पहले कार निकालते नितेश दिख रहा है और उसके बाद पिछली गली से ट्रॉली बैग ले जाता भी कैमरे में कैद हुआ है। पुलिस टीम सोमवार को देरशाम लौट आई। उसके बाद मंगलवार को दंपती को कोर्ट में पेश किया गया। कार्यवाहक एसएसपी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि दंपती को जेल भेज दिया गया है।
मथुरा। २० नवंबर को स्वॉट टीम और राया पुलिस जब आयुषी घर पहुंची तो हत्यारोपी पिता नितेश यादव घर पर नहीं मिला था। इसी दिन स्वॉट टीम ने उसे एक राजनीतिक दल के चुनाव कार्यालय से उठाया था। एमसीडी के चुनाव के चलते हत्यारोपी पूरी शिद्दत से जुटा हुआ था। नशे में धुत हत्यारोपी को पकड़कर स्वॉट टीम पहचान के लिए मथुरा लेकर चली तो रास्ते में पूछताछ के दौरान ही उसनेे बियर पीने की शर्त रखी। पुलिस ने उसकी इच्छा पूरी की, फिर भी वह पुलिस को गुमराह करता रहा। आखिरकार २० नवंबर की देर रात ११.३० पुलिस ने कड़ाई दिखाई तो वह टूट गया । उसने आयुषी की हत्या करना स्वीकार कर लिया। नितेश के नशे में धुत होने के कारण ही पुलिस ने उसे अलग गाड़ी में बैठाया और मां, भाई को दूसरी गाड़ी से पहचान के लिए पोस्टमार्टम गृह तक पहुंची। इस बीच मांट टोल चौकी पर नितेश को बैठाया गया।
आयुषी की पहचान और हत्याकांड के खुलासे में भले ही १४ टीमें लगाई गई हों, पर स्वॉट टीम और थाना राया के एसआई ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वॉट टीम प्रभारी अजय कौशल और एसआई हरेंद्र कुमार खुद पूरी मेहनत से जुटे। उनका टारगेट केवल दिल्ली एनसीआर पर ही जाकर टिका रहा। अपनी टीम के संग हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद और दिल्ली में डेरा डाले रहे। १८ नवंबर की दोपहर रवाना होने के बाद स्वॉट टीम और राया पुलिस के एसआई २० नवंबर को ही वापस लौटे।
मथुरा। दिल्ली में नितेश यादव का दो मंजिला मकान है। १७ नवंबर को पहली मंजिल पर बने कमरे में ही दोपहर दो बजे आयुषी की बेरहमी से दो गोलियां मारकर हत्या की गई थी। उस वक्त भाई आयुष घर पर नहीं था। उसके आने से पहले खून साफ कर ट्रॉली बैग में आयुषी का शव पॉलिथीन में पैक करने के बाद कमरे में रखकर ताला लगा दिया गया। आयुष के आने के बाद सब कुछ ऐसा दिखाया गया कि कुछ हुआ ही नहीं है। देर रात तक बेटे के सोने का इंतजार करने के बाद देर रात २.१५ बजे नितेश और उसकी पत्नी ब्रजबाला घर से निकले। घर के पास लगे सीसीटीवी में यह कैद भी हुआ है। फिलहाल आयुष अपने दादा और दादी के संग घर पर है। संवाद