मथुरा। संत प्रेमानंद के शिष्य 25 वर्षीय दीपक लोधी उर्फ दुलारी शरण की आत्महत्या ने आश्रम जाने की कहकर घर से निकले बच्चों के परिजन की चिंता बढ़ा दी है। आलम यह है कि माता-पिता बच्चों की एक झलक पाने की आस में केलिकुंज आश्रम के बाहर चक्कर लगा रहे हैं। अब आश्रम के आसपास की दीवारों पर इस उम्मीद में लापता बच्चों के पोस्टर चिपका दिए हैं, कि कोई उन्हें पहचानेगा और बताएगा कि तुम्हारे बच्चे हमने देखे हैं।
25 सितंबर को गऊ कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से संत प्रेमानंद के 25 वर्षीय शिष्य दीपक लोधी उर्फ दुलारी शरण ने छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। प्राइवेट पार्ट कटा होने के बाद उठाए गए आत्मघाती कदम ने आश्रम कहकर घर से निकले बच्चों के परिजन को झकझोर दिया। इसके बाद से लगातार परिजन का आश्रम के बाहर आना शुरू हो गया। आश्रम पहुंचने वाले परिजन का एक ही आरोप है कि दीक्षा लेकर निकले थे। उसके बाद वह घर लौटे और न ही कभी मिलने दिया गया। अब आश्रम के बाहर बच्चों के लिए तड़प रहे माता-पिता का विरोध भी होना शुरू हो गया है। उनपर आश्रम की छवि को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए अभद्रता की जा रही है। वर्तमान में केलिकुंज आश्रम के आसपास दीवारों पर चार से अधिक लापता युवकों के पोस्टर लगे हुए हैं। इस संबंध में एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि परिजन की शिकायत पर पुलिस जांच में जुटी है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।