देश में दस राज्यों के लगभग 10000 स्कूलों के 15 लाख बच्चों को मध्याह्न भोजन वितरित कर रही संस्था अक्षयपात्र के चेयरमैन मधु पंडित दास को सरकार ने पद्मश्री सम्मान देने की घोषणा की है। संस्था मथुरा में 1800 विद्यालयों के लगभग डेढ़ लाख बच्चों को मिड-डे मील वितरित कर रही है।
छटीकरा-वृंदावन मार्ग स्थित अक्षयपात्र मंदिर परिसर में ही दुनिया के सबसे ऊंचे वृंदावन चंद्रोदय मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। इसकी ऊंचाई लगभग 700 फीट होगी। यह मंदिर 65 एकड़ भूमि में बनाया जा रहा है। मंदिर की अनंत स्थापना पूजा में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी शामिल हुए थे। शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाग लिया था।
संस्था के चेयरमैन को पद्मश्री से नवाजे जाने की सूचना पर संस्था के कर्मियों में उल्लास छा गया है। संस्था की ओर से भरत ऋषभा ने बताया सेवा के लिए मिला यह सम्मान उत्साह बढ़ाने वाला है। संस्था का लक्ष्य देश में 50 लाख बच्चों तक भोजन पहुंचाना है। यह जल्द ही हासिल कर लिया जाएगा।
अक्षयपात्र के जनसंपर्क विभाग से जुड़े अनंतवीर दास ने मधु पंडित दास को पद्मश्री मिलना संस्था के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1956 में जन्मे मधु पंडित ने आईआईटी मुंबई से एमटेक किया। 1981 में इस्कान के संस्थापक श्रीलप्रभुपाद की विचारधारा और कृष्ण भक्ति की भावना से ओतप्रोत होकर इस्कान के पूर्णकालिक शिष्य बन गए। 1998 में बैंगलोर में इस्कॉन की स्थापना के बाद पहले अध्यक्ष बने।
प्रभुपाद से प्रभावित होकर मधु पंडित ने जनसेवा को अपना मिशन बनाया। इसके लिए वर्ष 2000 में बैंगलोर में पहली अक्षयपात्र रसोई की स्थापना कर हजारों स्कूली बच्चों को मिड-डे मील योजना का लाभ दिया। संस्था की सफलता को देखते हुए नवंबर 2004 में वृंदावन में अक्षय पात्र की स्थापना की। आज संस्था की दस राज्यों के 24 शहरों में शाखाएं हैं। अनंतवीर दास ने बताया कि मधुपंडित ने कृष्ण भक्ति के प्रचार के लिए 2014 में चंद्रोदय मंदिर की आधारशिला रखी। कृष्ण भक्ति और ब्रजवासियों का आशीर्वाद से ही उन्हें पद्मश्री सम्मान मिला है।