पहले ही दवाओं की कीमतों से परेशान तीमारदारों पर ओवर प्राइज का चाबुक चल रहा है। ड्रग प्राइस कंट्रोल (डीपीसी) की ओर से तय मानकों से अधिक एमआरपी (मैक्सिमम रिटेल प्राइस) प्रिंट होने की लगातार शिकायतों के बीच एक मामला ड्रग विभाग की पकड़ में भी आ गया है। मामले में जांच के लिए लिखा जा रहा है।
दवाओं के बाजार में ओवर प्राइज का खेल खेला जा रहा है। कंपनियां रेट कंट्रोल नियम का उल्लंघन कर रही हैं। बाजार से लगातार ऐसी शिकायतें आ रही हैं। इस पर जिला औषधि विभाग ने पड़ताल की।
जिला औषधि निरीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि बीते दिनों में विभागीय जांच में मैकफिरोन इंजेक्शन पर पड़ी कीमतें ओवर प्राइज मिली हैं। इस इंजेक्शन के लिए डीपीसी ने 31 रुपये कीमत निर्धारित की है लेकिन इस पर 95 रुपये कीमत पड़ी पाई गई। दवा को सील कर जांच के लिए भेजा रहा है।
दीपक कुमार ने बताया कि ड्रग प्राइज कंट्रोल (डीपीसी) प्रत्येक दवा के दाम निर्धारित करता है। उस रेट पर पांच प्रतिशत अतिरिक्त लगाकर एमआरपी डाली जाती है। लेकिन एमआरपी को काफी बढ़ाकर डाला जा रहा है, इन शिकायतों की लगातार जांच की जा रही है।