मथुरा। बृहस्पतिवार शाम तेज हवा के बाद हुई बारिश ने जिले की विद्युत व्यवस्था को चरमरा दिया है। जिले भर में 150 से अधिक विद्युत खंभे गिर गए। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो गई।
हवा की रफ्तार इतनी अधिक थी कि कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर बिजली की लाइनों पर गिर पड़े। इससे तार टूट गए और ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गए। गर्मी के मौसम में बिजली गुल होने से लोगों की रात बेचैनी में गुजरी। पंखे और कूलर बंद होने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे परेशानी झेलनी पड़ी।
विद्युत निगम को जैसे ही जानकारी मिली, विभागीय टीमें सक्रिय हो गईं। देर रात से ही कर्मचारी अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर क्षतिग्रस्त खंभों को हटाने, टूटे तारों को जोड़ने और ट्रांसफार्मरों की मरम्मत में जुट गए। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता राजीव गर्ग ने बताया कि सबसे अधिक नुकसान ग्रामीण इलाकों में हुआ है।
बरसाना, पलसो, कमई, मुडसेरस, गोवर्धन, गांठौली, दतिया में 50, देहात डिवीजन प्रथम में 60, मांट डिवीजन में 32 के करीब विद्युत खंभे गिर गए हैँ। शहर के कई क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह तक बिजली बहाल कर दी गई, लेकिन कुछ दूरदराज इलाकों में अब भी मरम्मत कार्य जारी है। उन्होंने दावा किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।