मथुरा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध विद्यालयों में सोमवार से ऑनलाइन क्लास शुरू होने जा रही हैं। करीब 40-50 प्रतिशत छात्र-छात्राओं के मोबाइल नंबर उपलब्ध होने की स्थिति में व्हाट्सएप ग्रुप तैयार कर लिए गए हैं।
शासन का आदेश मिलने के बाद सीबीएसई और आईसीएसई के पैटर्न पर अब यूपी बोर्ड के विद्यालयों में ऑनलाइन क्लास शुरू होने जा रही है। जनपद में 540 विद्यालय यूपी बोर्ड से संबद्ध हैं, जहां करीब 1.5 लाख छात्र-छात्राएं कक्षा छह से 12 तक पंजीकृत हैं। शासन का आदेश मिलने के बाद सीमित संसाधनों के आधार पर यूपी बोर्ड के विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू होने जा रही है।
इसका ट्रायल जनपद के राजकीय विद्यालयों में शुरू हो गया है। 20 अप्रैल से इसे राजकीय के साथ अनुदानित और गैर अनुदानित विद्यालयों के लिए अमल में लाने की तैयारी है। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए राजकीय विद्यालयों के विषय शिक्षकों ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं, जिसमें वे कुछ नोट्स और वीडियो भेज रहे हैं। हालांकि इसमें सबसे बड़ी समस्या छात्रों के मोबाइल नंबर और अधिकांश छात्रों पर मोबाइल का अभाव है। फिर भी 40 से 50 प्रतिशत छात्रों को ग्रुपों से जोड़ते हुए पढ़ाई शुरू होगी।
ऑनलाइन पढ़ाई में नेटवर्किंग की समस्या
भले ही सीबीएसई से जुड़े विद्यालय ऑनलाइन पढ़ाई का दम भर रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसी शिकायत सामने आ रही हैं, जिसमें छात्र संतुष्ट नहीं हैं। नेटवर्किंग की समस्या सबसे अधिक है। इसके अलावा शिक्षक द्वारा सिर्फ वीडियो भेज देना, छात्रों की शिकायतों का समाधान न करना भी शामिल है। यूपी बोर्ड के अधिकांश विद्यालय तो ग्रामीण अंचल में हैं, जहां यह प्रयास संचार नेटवर्किंग की समस्या से परवान चढ़ता नजर नहीं आ रहा है। इसमें अनेक विद्यालय तो सिर्फ पंजीकरण के केंद्र तक सीमित हैं।
शिक्षा कार्यालयों को सैनिटाइज करने के आदेश
संयुक्त शिक्षा निदेशक आगरा डॉ. मुकेश अग्रवाल ने सभी शिक्षा कार्यालयों को सैनिटाइज करने के आदेश दिए हैं। डीआईओएस को भेजे आदेश में उन्होंने कहा है कि संपूर्ण कार्यालय भवन और कक्षों को पूरी तरह से सैनिटाइज करा लिया जाए।