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आंख के बाद बुझ गई जिंदगी की भी लौ

Mon, 30 Mar 2015 11:54 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
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निजी संस्था के नेत्र चिकित्सा शिविर में गलत ऑपरेशन के कारण आंखों की रोशनी गंवाने वाली गांव हबीबपुर की वृद्धा रामलली (60) सोमवार को दुनिया से विदा हो गईं। उन्हें आंखों की रोशनी जाने के बाद लकवा की भी शिकायत हो गई थी। परिवारीजनों में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि अफसरों ने जांच के बाद भी कोई सहायता राशि नहीं दी।
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गौरतलब है कि मथुरा की संस्था बांकेबिहारी नेत्र चिकित्सालय के नेत्र चिकित्सा शिविर में ऑपरेशन कराने वाले 12 मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई थी। हबीबपुर निवासी रामलली ने भी उस कैंप में ऑपरेशन कराया था। इस पूरे मामले का खुलासा अमर उजाला ने किया था। मृतका के पुत्र उमेश यादव ने बताया आंख की रोशनी जाने के बाद उनकी मां असहाय हो गई। इसी सदमे में उन्हें लकवा मार गया। सोमवार को सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर आक्रोशित उमेश यादव और विजय यादव का कहना है कि अधिकारी जांच के लिए गांव तो आए लेकिन आज तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला है। गांव के डा. लक्ष्मन यादव, कालीचरन, रामवीर सिंह, ब्रजेश, संतू यादव आदि ने जिला प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजा दिलाने की मांग की है।

प्रमुख सचिव सहित डीएम ने की थी जांच
कैंप में आपरेशन में हुई गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद शासन स्तर से प्रमुख सचिव और जिला स्तर पर जिला अधिकारी की अध्यक्षता में गठित टीम ने जांच कर रिपोर्ट शासन को प्रेषित की थी। लेकिन मामले को तीन महीने हो गए और अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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