देशभर से पहुंचे लाखों श्रद्धालु
बैकुंठ एकादशी पर सुबह से ही श्रीबांके बिहारी मंदिर में देशभर से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंदिर के प्रवेश द्वार तीन से विद्यापीठ चौराहे तक कतार लगी रहीं। वहीं प्रवेश द्वार दो से लेकर दाऊजी तिराहा तक श्रद्धालुओं की कतार लगी। भीड़ के दबाव और धक्का-मुक्की के बीच श्रद्धालुओं ने बिहारी जी के दर्शन किए। एकादशी होने पर भी पुलिस प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए जगह-जगह रस्से लगाकर भक्तों को धीरे-धीरे मंदिर की ओर भेजा। कतारों में लगी भीड़ का यह आलम मंदिर के पट बंद होने कर निरंतर चलता रहा। भीड़ के बीच में सर्वाधिक परेशानी बुजुर्ग, महिला और बच्चों को हुई। भीड़ के दबाव से बच्चों को बचाने के लिए भक्तों ने उन्हें अपने कंधों पर बैठा लिया और फिर मंदिर की ओर चलते रहे। सुबह की तुलना में शाम के समय श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य रही और भक्तों ने सुगमता से बिहारी जी के दर्शन किए। उधर, देर रात तक लाखों भक्तों ने नगर की पंचकोसी परिक्रमा लगाई। कुछ श्रद्धालुओं ने दंडवती परिक्रमा भी लगाई।
50 हजार श्रद्धालुओं ने किए ठाकुरजी के दर्शन
श्रीबांके बिहारी मंदिर के सेवायत और हाई पावर्ड कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने बताया कि नए साल के पहले से ही लगातार भारी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन आराध्य के दर्शन को मंदिर आ रहे हैं। एकादशी पर सुबह भीड़ अधिक रही। लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के दर्शन किए।
मंडलायुक्त ने डीआईजी संग व्यवस्थाओं का लिया जायजा
मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने डीआईजी शैलेश पांडेय के साथ नववर्ष पर देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को लेकर पुलिस और मंदिर प्रबंधन द्वारा की गई तैयारियों का जायजा लिया। मंगलवार दोपहर को उन्होंने विद्यापीठ चौराहा से मंदिर तक पैदल चलकर व्यवस्था को देखा। साथ ही बेरीकेडिंग व्यवस्था और मंदिर के सीसीटीवी कंट्रोल रूप में भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था को देखा।
डायवर्जन प्लान लागू किया गया
मंडलायुक्त ने कहा कि नववर्ष पर वृंदावन के प्रमुख मंदिरों समेत गोवर्धन, बरसाना, नंदगांव और श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भारी भीड़ जुटने की संभावना है। सुरक्षा के साथ ही भक्तों को सुगम दर्शन हो सके, इसके लिए डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। अतिरिक्त पुलिस बल भी लगाया गया है। पार्किंग की भी व्यवस्था की जा रही है। भीड़ के अत्यधिक दबाव को देखते हुए डीआईजी शैलेश पांडेय ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि नए साल पर बुजुर्गों और छोटे बच्चों को साथ लाने से बचें। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और सुरक्षा नियमों का पालन करने को कहा है।