सिटी मजिस्ट्रेट हेम सिंह ने नगर पालिका और पीडब्लूडी के अफसरों को शहर और आसपास आबादी में जर्जर हो चुके भवनों को गिराने के आदेश दिए हैं। इसके लिए पुलिस की मदद लेने को कहा है।
हाल ही में आया भूकंप नेपाल में त्रासदी के साथ यूपी और बिहार में भी विनाशकारी साबित हुआ है। 27 अप्रैल के संस्करण में अमर उजाला ने इस स्थिति में मथुरा शहरी आबादी में बने पुराने भवनों से भी बड़ी जनहानि की आशंका जाहिर की थी।
इस का संज्ञान लेते हुए सिटी मजिस्ट्रेट हेम सिंह ने मथुरा नगर पालिका और पीडब्लूडी के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शहरी क्षेत्र में जितने भी भवन जर्जर हैं, उन्हें गिरा दिया जाए। पालिका शहरी क्षेत्र में ऐसे भवनों को चिन्हित कराते हुए पीडब्लूडी से इनका मुआयना कराए। इसके बाद भवन स्वामी को नोटिस दें। यदि भवन स्वामी ऐसे भवनों को नहीं गिराते हैं तो यह कार्रवाई पालिका और पीडब्लूडी करे। इसमें कोई अवरोध पैदा करता है तो इसके लिए पुलिस की मदद ली जाए।
बता दें कि करीब एक दशक पहले आए देश में आए भूकंप को देखते हुए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने शहर में 130 से अधिक भवन स्वामियों को नोटिस जारी करते हुए भूकंपरोधी उपाय करने के निर्देश दिए थे। इस पर अब तक कोई काम नहीं हुआ है। जनपद में जर्जर भवनों की संख्या 230 बताई जा रही है।