प्रमुख सचिव आबकारी किशन सिंह अटोरिया ने आगरा और अलीगढ़ मंडल की समीक्षा मीटिंग में अफसरों को चेतावनी दी कि अगर कहीं जहरीली शराब की बिक्री हुई तो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आबकारी, पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को नियमित चेकिंग के आदेश दिए गए हैं। प्रमुख सचिव ने थानावार शराब तस्करों का चिन्हीकरण करने और शराब माफियाओं पर एनएसए के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
गुरुवार को मथुरा पहुंचे प्रमुख सचिव किशन सिंह अटोरिया ने कलक्ट्रेट सभागार में अफसरों के साथ समीक्षा करके अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए। एटा में बीते दिनों शराब पीने से हुई चालीस लोगों की मौत का मामला भी छाया रहा। प्रमुख सचिव ने कहा कि जहरीली शराब की अगर कहीं बिक्री होती है तो अफसरों को जिम्मेदार माना जाएगा। इसके लिए पहले भी निर्देश दिए जा चुके हैं लेकिन उस तरह से अभियान चल नहीं रहा है।
प्रमुख सचिव ने कहा कि पुलिस, प्रशासन और आबकारी विभाग संयुक्त रूप से आपरेशन चलाएं। अगर कहीं भी अवैध शराब की बिक्री होते मिले तो तत्काल कार्रवाई की जाए। प्रमुख सचिव ने शराब माफियाओं पर एनएसए के तहत कार्रवाई करने की बात कही। इस दौरान आबकारी विभाग से पिछले तीन महीनों में किए गए प्रवर्तन कार्यों की जानकारी ली। आबकारी आयुक्त भवनाथ सिंह ने कहा कि दूसरे राज्यों से आने वाली शराब को रोका जाए। इस दौरान आगरा और अलीगढ़ मंडल के सभी अधिकारी मौजूद रहे।
गोवर्धन समिति के सचिव पर कार्रवाई के निर्देश
आबकारी और सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव किशन सिंह अटोरिया ने कहा कि खाद की कहीं कमी नहीं है। सहकारी समितियां किसानों को खाद और बीज का वितरण लगातार कर रही हैं। कोआपरेटिव बैंकों की स्थिति को भी सुधारा जा रहा है। जो सोलह बैंक कमजोर स्थिति में थीं उन्हें शासन से ऋण मिल रहा है। इस दौरान गोवर्धन समिति के खाद वितरण न करने का मामला पहुंचा तो प्रमुख सचिव ने सचिव के खिलाफ कार्रवाई को कहा।
कमजोर राजस्व वसूली पर कसे गए अफसर
प्रमुख सचिव ने कमजोर राजस्व वसूली पर अफसरों की जमकर क्लास लगाई। पंद्रह अगस्त तक लक्ष्य को बढ़ाने के लिए कहा गया। आगरा और अलीगढ़ मंडल के जिलाधिकारियों से कहा गया कि वह राजस्व वसूली की नियमित समीक्षा करें। जो अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं उनकी सूची शासन को भेजी जाए।