ब्रज दर्शन को आने वाले देश-विदेश के पर्यटक अब बरसाना में रोप-वे का सफर करेंगे तो यमुना में शिकारा की सैर का भी लुफ्त उठाएंगे।
मंदिरों में दर्शन के साथ अब यहां श्रद्धालु, पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई योजनाओं पर मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण काम कर रहा है। संभावना है कि वर्ष 2016 में बरसाना में रोप-वे का सफर शुरू हो जाए।
अब तक ब्रज भूमि आने वालों में श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा रहती है, पर्यटक कम ही होते हैं। श्रद्धालु मंदिरों के दर्शन तक सीमित होकर रह जाते हैं। इस सीमित दायरे को अब बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।
इसके लिए धर्म और आस्था की इस भूमि पर श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण जोड़े जाने पर काम शुरू हो गया है।
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने बरसाना की पहाड़ियों पर श्रद्धालुओं को रोप-वे की सैर कराने की तैयारी पहले ही शुरू कर दी थी। इसके लिए शासन ने भी स्वीकृति प्रदान कर दी है।
इस संबंध में जल्द ही टेंडर जारी कर दिया जाएगा। यह रोप-वे बरसाना में ऊंची पहाड़ियों पर श्रीजी मंदिर में विराजमान श्रीराधा रानी तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने का काम करेगा। रोप-वे की यह व्यवस्था अब तक उत्तर प्रदेश के किसी शहर में मौजूद नहीं है।
इसके अलावा मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की योजना गोकुल बैराज से यमुना के विशाल जल भंडारण में शिकारा या फिर बड़ी नाव चलाने की भी है, जो मथुरा-वृंदावन-गोकुल के बीच श्रद्धालु पर्यटकों को यमुना की सैर कराएगी।
ऋषिकेश के समान यमुना पर झूला भी
एमवीडीए की इन दोनों योजनाओं के लिए भारत सरकार की हेरिटेज सिटी और विश्व बैंक की प्रो-पूअर डेवलपमेंट स्कीम बड़ा सहारा बनकर सामने आ रही हैं।
इन दोनों स्कीमों के तहत यमुना और आसपास के क्षेत्रों को पर्यटकों के लिए और आकर्षक बनाया जाना है। इसमें ऋषिकेश के समान यमुना पर झूला और हरिद्वार हर की पौड़ी की भांति यमुना में विशाल प्रतिमा की स्थापना भी शामिल है।
भगवान कृष्ण की भूमि को पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनाने की कई योजनाओं पर काम चल रहा है। इसमें रोप-वे की योजना को स्वीकृति मिल गई है। अन्य योजनाओं के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
-सीपी सिंह, उपाध्यक्ष, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण