मथुरा। बंदरों के उत्पात से परेशान मथुरा-वृंदावन को संभवतय अब राहत मिलने जा रही है। लंबी प्रतीक्षा के बाद नगर निगम ने बंदरों को पकड़ने का अनुबंध किया है। संबंधित फर्म ने बंदर पकड़ने के अभियान की शुरूआत शुक्रवार को वृंदावन से की है।
मथुरा-वृंदावन में बंदरों के उत्पात से सभी भली-भांति परिचित हैं। यह पिछले कुछ सालों के दौरान कई लोगों की जान ले चुके हैं। यहां रहने वाले लोग इनकी हरकतों से खौफजुदा हैं। लोगों ने घरों को कैदखाना बना लिया है। बच्चों और महिलाओं की रक्षा के लिए लाठी-डंड़ा लेकर लोग निकलते हैं। बच्चों को अकेला नहीं जाने देते हैं। इस गंभीर और चिंताजनक समस्या को लेकर कई बार स्थानीय लोगों ने धरना प्रदर्शन किए हैं।
इस स्थिति को देखते हुए लंबे इंतजार के बाद नगर निगम ने बंदरों को पकड़ने का अनुबंध किया है। इस कंटेक्टर को 95 रुपये प्रति बंदर की दर से भुगतान किया जाएगा। इस अभियान की शुरूआत वृंदावन से शुक्रवार को कर दी गई। अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार ने बताया कि अनुबंध के तहत बंदर पकड़ने का अभियान शुरू हो गया है। यह अभियान उत्पाती बंदरों के पकड़े जाने तक जारी रहेगा।
संसद में गूंजा है वृंदावन के बंदरों का उत्पात
मथुरा की सांसद हेमामालिनी ने मथुरा-वृंदावन में बंदरों के उत्पात का मुद्दा संसद में उठाया था। इसका समर्थन तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने भी किया था। उन्होंने वृंदावन में अपने साथ हुए घटनाक्रम को संसद के समक्ष रखा था। इसके बाद भी यह समस्या प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी बताई गई। कई बार डीएम और एसएसपी सहित कई वीआईपी इनका शिकार हो चुके हैं।
फ्रूटी के शौकीन हैं वृंदावन के बंदर
वृंदावन के बंदर फ्रूटी के शौकीन है। राह चलते श्रद्धालुओं के सिर से कैप, चेहरे से चश्मा और हाथों से पर्स व मोबाइल छीन लेते हैं। इन्हें फ्रूटी देने के बाद ही संबंधित श्रद्धालु को वापस करते हैं। हालांकि इस दौरान संबंधित सामान को कुतर देते हैं।