यूएस-6 ईंधन बनाने की तैयारी कर रही रिफाइनरी ने अब हाईस्पीड पेट्रोल ईजाद करने के लिए भी कदम बढ़ा दिया है। जानकारों का कहना है कि अगले सप्ताह से प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। यह पूरा प्रोजेक्ट मेक इन इंडिया के तहत शुरू होगा।
दरअसल फरीदाबाद में आईओसी के रिसर्च एंड डेवलमेंट सेंटर ने हाईस्पीड पेट्रोल तैयार करने की तकनीक विकसित कर ली है। इसी तकनीक के आधार पर मथुरा रिफाइनरी हाईस्पीड पेट्रोल बनाएगी। यह पेट्रोल पर्यावरण और इंजन को कम क्षति पहुंचाएगा।
अफसरों का कहना है कि बढ़ते प्रदूषण को लेकर चार साल पहले से देश की रिफाइनरियों ने विदेशी तकनीक प्राइम जी के आधार पर यूरो-4 मानकों वाला ईंधन बनाना शुरू किया। इससे वाहनों से खासा प्रदूषण का उत्सर्जन होता है। कम प्रदूषण उत्सर्जन वाले ईंधन बनाने के लिए मथुरा रिफाइनरी में ऑक्टामैक्स यूनिट स्थापित की जानी है।
114 होगा पेट्रोल का ऑक्टेन नंबर
अब तक मथुरा रिफाइनरी 90 के आसपास के ऑक्टेन नंबर वाला पेट्रोल तैयार कर रही है। ऑक्टामैक्स यूनिट लग जाने के बाद यह 114 ऑक्टेन नंबर वाला पेट्रोल बनाएगी। इससे वाहनों के इंजन का नोकिंग रेसियो न के बराबर होगा।