वसंत पंचमी के दिन मंदिरों में डांढ़ा गाड़ने के साथ ही 40 दिवसीय होली महोत्सव की शुरुआत हो गई। इस अवसर पर गोस्वामी समाज के लोगों ने पद गायन कर उत्सव की परंपरागत शुरुआत की।
श्रीजी मंदिर बरसाना में बसंत पंचमी से श्रीराधाकृष्ण की होली की शुरुआत हो जाती है।
इस दिन राधारानी को वस्त्र और मुकुट धारण कराकर गर्भगृह के बाहर जगमोहन में डांढ़ा गाड़ा गया। पद गायन के साथ श्रीजी के चरणों में गुलाल अर्पित किया। सेवायत बाबूलाल गोस्वामी, हरिओम गोस्वामी ने विधि विधान से होली का डांढ़ा गाड़ा। इसके बाद गोस्वामी समाज ने सामूहिक समाज गायन किया।
नंदगांव में वसंत पंचमी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदिर प्रांगण में फाग महोत्सव का स्वागत विहरति हरिरिह सरस वसन्ते... पद गाकर किया गया। वसंती वस्त्रों से सजे गोस्वामीजन मंदिर प्रांगण में एकत्रित हुए। पवित्र समाज गायन की पोथी को गोस्वामीजनों के मध्य विराजमान किया गया।
कन्हैया के चरणों की प्रसादी माला, चंदन और गुलाल से पोथी का स्वागत किया गया। जयदेव रचित ललित लवंग लता परिशीलन कोमल मलय समीरे..., हरिजीवन रचित श्री पंचमी परम मंगल दिन मदन महोत्सव आज.. पदाें का गायन किया। ठाकुरजी को वसंती पोशाक धारण कराई गई। राधाकुंड में राधानगर कालोनी और अन्य कई स्थानों पर वैष्णवों ने मां शारदा की प्रतिमा स्थापित की। नगर में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही।
बलदेव में ब्रजराज श्रीदाऊजी महाराज मंदिर में विशेष पूजा अर्चना और समाज गायन के साथ ही होली का डांढ़ा गढ़ते ही होली महोत्सव का शुभारंभ हो गया। दाऊजी महाराज को गुलाल लगाया गया प्रसाद स्वरूप गुलाल समाज गायकों और श्रद्धालुओं पर उड़ाया गया। नगर के राधाकृष्ण मंदिर, कृ ष्ण बलराम मंदिर, श्रीनाथजी मंदिर आदि में भी वसंत पंचमी मनाई गई।
द्वारिकाधीश मंदिर में राजाधिराज को पीले वस्त्र धारण कराए गए। अबीर गुलाल लगाया गया। भूतेश्वर स्थित श्रीजी बाबा आश्रम में श्रीकृष्ण संकीर्तन भजन गायन कर वसंत पंचमी मनाई गई। चौक बाजार गली मेघा स्थित प्राचीन ठाकुर राधावल्लभ मंदिर, खंडेलवाल वैश्य पंचायती मंदिर में सुबह अभिषेक किय गया, शाम को ठाकुरजी ने वसंतमयी छटा में दर्शन दिए।