गोकुल बैराज डूब क्षेत्र से प्रभावित सांसद हेमामालिनी के गोद लिए गांव रावल के किसान जिस जमीन के मुआवजे के लिए 17 साल से इंतजार कर रहे थे, उसे अब प्रशासन ने अवैध करार दे दिया है। तहसील महावन ने किसानों को इस आशय के नोटिस जारी कर दिए हैं। इसके खिलाफ किसानों ने बुधवार को तहसील पर प्रदर्शन करते हुए रावल मंदिर के निकट आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा कर दी है।
वर्तमान सांसद हेमामालिनी के सांसद गांव के रूप में दर्ज ब्रज क्षेत्र के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल रावल के किसानों के पैरों तले जमीन खिसक गई है। 17 साल से गांव के किसान जिस मुआवजे का इंतजार कर रहे थे, अब उससे उन्हें वंचित किया जा रहा है। इसके लिए गोकुल बैराज प्रभावित जमीन संबंधी करीब 36 किसानों को तहसील महावन के स्तर से नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें किसानों को जमीन पर उनके स्वामित्व को अवैध और रेती पट्टे के रूप में दर्शाया है।
बुधवार को इससे परेशान किसानों ने महावन तहसील पर गोकुल बैराज मुआवजे के लिए आंदोलन की अगुवाई करने वाले भाजयुमो के प्रदेश महामंत्री कुंवर सिंह निषाद के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि जिस जमीन को तहसील प्रशासन के स्तर से अवैध कब्जा बताया जा रहा है, उस पर वह पिछले 40 साल से काबिज हैं। यह जमीन संक्रमणीय क्षेत्र में आती है। जिसका खसरा नंबर भी किसानों के पास है। इसका लगान भी किसान प्रशासन को चुकता करते आ रहे हैं। अब प्रशासन मुआवजा देने से पहले इसे अवैध करार दे रहा है। इसके पीछे तहसील प्रशासन की भूमाफियाओं से साठगांठ की रणनीति है।
सांसद तक पहुंची बात
किसानों ने अपनी बात सांसद हेमामालिनी तक पहुंचा दी है। इस पर सांसद हेमामालिनी ने किसानों को कोई अप्रिय कदम न उठाने की अपील करते हुए गुरुवार को वार्ता के लिए बुलाया है। सांसद गुुरुवार को मथुरा आ रही हैं।