बरात सोमवार की शाम को रवाना होनी है। दूल्हे के दोस्त भी इकट्ठा हो गए। नाते-रिश्तेदार भी जुट गए थे। लेकिन नोटबंदी ने ऐसा गणित गड़बड़ाया कि परिवार के तो सभी लोग एटीएम की लाइन में लगे रहे। दोस्त भी बरात से पहले एक एटीएम से दूसरे एटीएम पर ‘नाचते’ नजर आए। सब मिलकर ढाई-ढाई हजार रुपये जुटाएंगे तब कहीं व्यवस्था होगी।
नोटबंदी ने उन परिवारों को बेचैन कर दिया है जिनके घर में शादी या कोई दूसरा मांगलिक कार्यक्रम है। पैसा होने के बाद भी लोग अपना पैसा नहीं निकाल पा रहे हैं। अब बैंक भी बंद हैं। केवल एटीएम का ही सहारा है। एटीएम से भी एक बार में केवल 2500 रुपये ही निकाले जा सकते हैं।
चंदनवन कालोनी निवासी वृषभान सिंह भी बेहद परेशान है। सोमवार को बेटे की बरात जानी है। रविवार को एटीएम कार्ड लेकर सारा दिन लाइन में लगे रहे। पहले तो ऐसा एटीएम ढूंढने में ही घंटों का वक्त लग गया जहां लाइन कम हो। फिर बृषभान जिला अस्पताल के सामने स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम पर पहुंचे और किसी तरह से ढाई हजार रुपये निकाले।
उन्होंने बताया कि परिवार के दूसरे लोग भी अपने-अपने कार्ड लेकर एटीएम पर पहुंचे हैं। बताया जाता है कि दूल्हे के दोस्त भी सारा दिन एटीएम की तलाश करते रहे। इन लोगों ने भी किसी तरह से पैसे निकाले। जिक्र केवल इन्हीं का नहीं है बल्कि जिनके घर में भी कोई मांगलिक कार्यक्रम है वह पैसे के लिए परेशान हैं।