जिला पंचायत के लिए प्रथम चरण का नामांकन सोमवार को शुरू हो गया। पहले दिन 34 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए हैं। इसमें ठाकुर तेजपाल सिंह की पत्नी सुधा सिंह और चौधरी लक्ष्मीनारायण की पत्नी ममता चौधरी भी शामिल हैं। सभी उम्मीदवार जनबल के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान पूरे दिन कलक्ट्रेट परिसर में गहमागहमी का माहौल बना रहा।
सोमवार से जिला पंचायत चुनाव के प्रथम चरण का नामांकन के साथ श्रीगणेश हो गया। पहले दिन सबसे पहले चौधरी लक्ष्मीनारायण अपने समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। उनकी मौजूदगी में भाजपा समर्थित ममता चौधरी, मनोज फौजदार, नरदेव और ओमप्रकाश ने नामांकन दाखिल किए। इस दौरान भाजपा नेता एसके शर्मा और पूर्व विधायक प्रणत पाल सिंह भी मौजूद रहेे। इसी दरम्यान पूर्व मंत्री एवं छाता से विधायक ठाकुर तेजपाल भी समर्थकों के साथ पहुंचे। उनकी मौजूदगी में बसपा समर्थित सुधा सिंह, कल्याण सिंह जादौन, मोहन श्याम बघेल, जबर सिंह, अंगद सिंह, जयवीर सिंह, श्याम सुंदर कर्दम, मोहन सिंह गूजर ने नामांकन किया।
एडीएम वित्त और राजस्व की कोर्ट में ही पहले दिन राष्ट्रीय लोकदल से करन सिंह एडवोकेट और हरिओम सिंह ने नामांकन दाखिल किया। सपा की ओर से गोविंद सिंह और सोहन लाल ने समर्थित के रूप में नामांकन दाखिल किया है। इनके अलावा स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में 19 और भी नामांकन दाखिल किए गए हैं। यह प्रक्रिया शाम चार बजे तक चली। जायजा लेने के लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व बार-बार आते रहे।
डिप्टी कलक्टर से पूर्व मंत्री की झड़प
कलक्ट्रेट में नामांकन के लिए पहुंचे भाजपा नेता पूर्व मंत्री लक्ष्मीनारायण और उनके भाई एमएलसी लेखराज सिंह की गेट पर डिप्टी कलक्टर सुरेंद्र सिंह से झड़प हो गई। नामांकन संबंधी कोर्ट से पहले भीड़ को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई है। यहां एंट्री प्वाइंट पर मजिस्ट्रेट के रूप में डिप्टी कलक्टर सुरेंद्र सिंह रहते हैं। सोमवार को सबसे पहले चौधरी लक्ष्मीनारायण के साथ काफिला जैसे ही कलक्ट्रेट पहुंचा, उसे कोर्ट में जाने से रोकने की कोशिश की गई। इस पर डिप्टी कलक्टर की पूर्व मंत्री लक्ष्मीनारायण, एमएलसी लेखराज सिंह विवाद हो गया। इससे उनके समर्थक भी आक्रोशित हो गए। किसी तरह चौधरी लक्ष्मीनारायण ने ही भाई एमएलसी सहित समर्थकों को शांत किया। इसके बाद चुनिंदा लोग ही नामांकन करने वाले उम्मीदवारों के साथ एडीएम वित्त की कोर्ट तक गए।