मथुरा। यमुना एक्सप्रेस-वे पर बलदेव में 16 दिसंबर की तड़के हुए भीषण हादसे में कोहरे में सात बसों के टकराने के बाद लगी आग में 19 लोगों की जान गई थीं। वहीं हादसे में मृतक ऋषभ यादव के शव को लेने के लिए परिजन तैयार नहीं हैं। डीएनए रिपोर्ट पर भी वह ऐतबार नहीं कर पा रहे हैं। डेढ़ माह बाद भी पुलिस शव का अंतिम संस्कार नहीं पा रही है। अब सीएमओ ने एसएसपी को पत्र लिखकर शव के निस्तारण कराने का अनुरोध किया है।
यमुना एक्सप्रेस-वे के माइल स्टोन 127 पर हुए भीषण हादसे की गुत्थियां पुलिस-प्रशासन की टीमें मिलकर भी नहीं सुलझा सकी हैं। हादसे में चार के अलावा अन्य मृतकों की शिनाख्त डीएनए रिपोर्ट के आधार पर की गई। हादसे के बाद बसों से शवों के अवशेषों में हड्डियां और मानव खोपड़ियां ही मिल सकी थीं। आगरा, लखनऊ व हैदराबाद के वैज्ञानिकों ने खासी मशक्कत के बाद अवशेषों की पहचान की। पुलिस ने 14 मृतकों के परिजन को अवशेष सौंप दिए, लेकिन नोएडा के ऋषभ यादव (24) के अवशेष की डीएनए से शिनाख्त होने के बाद भी परिजन शव को लेने नहीं पहुंचे। उनका मानना है कि उनका बेटा इस हादसे में नहीं मरा, वह जिंदा है। वह उसकी तलाश के लिए झाड़ फूंक करा रहे हैं।
उन्हें डीएनए रिपोर्ट पर भी भरोसा नहीं है। पुलिस ने उन्हें नोटिस भी भेजा मगर वह शव को सुपुर्दगी में लेने को तैयार नहीं हैं। एक पुलिस टीम ने घर जाकर समझाया मगर नतीजा नहीं निकला। डेढ़ माह बाद भी शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका, क्योंकि शव लावारिस नहीं है। अगर लावारिस होता तो तीन दिन के बाद उसका अंतिम संस्कार करवा दिया जाता। वहीं अब इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी राधाबल्लभ ने एसएसपी श्लोक कुमार को पत्र लिखकर उक्त शव के निस्तारण की कार्यवाही कराने का अनुरोध किया है। एसएसपी श्लोक कुमार का कहना है कि परिजन शव लेने नहीं आ रहे हैं। शासनादेश के अनुसार कोई दावा करने नहीं आ रहा है तो उसका अंतिम संस्कार करवाया जाएगा।