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Mathura News: कारसेवा के लिए नहीं गुलाबी पत्थर, राहत में प्रशासन

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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के लिए बृहस्पतिवार को राधाकुंड के श्रीचित्रगुप्त पीठ में पांच हजार टन गुलाबी पत्थर नहीं पहुंचने से पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली है। उधर, 9 अगस्त को कारसेवा के लिए शंखनाद करने की घोषणा करने वाले श्रीचित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज का कहना है कि बारिश के कारण पत्थर नहीं पहुंच सका है। राजस्थान के बंशी पहाड़पुर से आश्रम पहुंचने वाला यह वही पत्थर है, जो श्रीराम मंदिर निर्माण में लगाया गया था।
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श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन की तर्ज पर आंदोलन की घोषणा करने वाले स्वामी सच्चिदानंद ने बताया कि बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्रम पहुंचकर न्यायालय में मामला विचाराधीन होने की बात कहते हुए विवाद से बचने की सलाह दी थी। उन्होंने अधिकारियों को भरोसा दिया है कि कोई भी विवाद पैदा नहीं किया जाएगा। कारसेवा की घोषणा का कार्यक्रम 9 अगस्त को श्रीचित्रगुप्त पीठ के प्रांगण में ही किया जाएगा। आश्रम परिसर में शिलापूजन और नक्काशी कार्य का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1990 में रामलला मुक्ति आंदोलन से प्रेरणा लेकर इस कारसेवा की रणनीति तैयार की गई है।
आपसी समाधान से बचने का आरोप

पीठाधीश्वर ने कहा कि शाही ईदगाह मस्जिद पक्ष के पास कोई ठोस साक्ष्य नहीं हैं। वे केवल प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 का हवाला देकर मामले को उलझाने का काम कर रहे हैं। आरोप लगाया कि अदालत के आपसी समाधान के सुझाव के बावजूद मस्जिद के पक्षकार इससे बच रहे हैं। ऐसे में कारसेवा करने का निर्णय लिया गया है।
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धीरेंद्र शास्त्री और संत समाज का समर्थन
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज सहित सभी 13 अखाड़ों के संतों ने कारसेवा को अपना समर्थन दिया है। इसके अलावा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री तथा देश के प्रमुख कथावाचकों ने भी अपना समर्थन दिया है।

आंदोलन में लाखों लोगों के जुड़ने का दावा
उन्होंने कहा है कि 4 जुलाई को की गई घोषणा के बाद से अब तक लाखों कृष्ण भक्त और संत-महात्मा इस मुहिम से जुड़ चुके हैं। 9 अगस्त को चित्रगुप्त पीठ में देशभर के साधु-संतों की मौजूदगी में शिला पूजन के बाद कारसेवा का शंखनाद किया जाएगा।
मौसम सही होने पर पहुंचेगा पत्थर
बारिश के कारण पत्थर आश्रम नहीं पहुंच सका है। इसका मतलब यह नहीं है आंदोलन की रणनीति या कारसेवा को रोका जाएगा। जैसे ही मौसम सही होता पांच हजार टन पत्थर आश्रम पहुंच जाएगा। - स्वामी सच्चिदानंद महाराज, पीठाधीश्वर श्रीचित्रगुप्त पीठ
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