वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की अक्षय तृतीया पर्व पर नौ मई को ठाकुर बांके बिहारी महाराज के चरण दर्शन होंगे। वहीं सप्त देवालयों में ठाकुरजी के सर्वांग दर्शन होंगे। मंदिरों में इस पावन पर्व की तैयारियां जोरों पर हैं। इस मौके पर नगर की यातायात व्यवस्था में फेरबदल किया जा रहा है।
बाहरी चौपहिया वाहनों का नगर में प्रवेश बंद रहेगा। मथुरा मार्ग से आने वाले वाहनों को पागल बाबा मंदिर के समीप पार्किंग में, अलीगढ़ से आने वाले वाहनों को पानीगांव पुल, मांट से आने वाले वाहनों को केशीघाट और दिल्ली से आने वाले वाहनों को छटीकरा मार्ग पर स्थित रुक्मिणी विहार पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा। आठ मई की रात से ये व्यवस्था लागू हो जाएगी। जो नौ मई की रात तक लागू रहेगी।
अक्षय तृतीया का पर्व ब्रज मंडल का एक विशेष पर्व माना जाता है। इस मौके पर मंदिरों को भव्यता देने के लिए सजाया-संवारा जा रहा है। अक्षय तृतीया पर ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में विशेष चरण दर्शन सुबह करीब 7:45 बजे से होंगे। नगर के ठाकुर राधादामोदर, राधाश्याम सुंदर, राधारमण, राधावल्लभ मंदिर, राधा गोविंददेव आदि मंदिरों में ठाकुरजी भक्तों को सर्वांग चंदन दर्शन देंगे।
गर्मी में ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए सेवायत ठाकुरजी के शरीर पर चंदन का लेपन करेंगे। सेवायत सिलों पर चंदन की घिसाई करने में लगे हैं। चंदन के बड़े-बडे़ गोलों को गुलाब जल, इत्र, केसर का मिश्रण कर तैयार किया जा रहा है। इनका 9 मई को अक्षय तृतीया पर ठाकुरजी के शरीर पर लेपन किया जाएगा। अक्षय तृतीय पर हरिदासी संप्रदाय के रसिक बिहारी मंदिर में भी वर्ष में एक बार होने वाले चरण दर्शन कर सकेंगे।
एक माह होगी शीतल भोग सेवा
अक्षय तृतीया से ठाकुरजी को एक माह तक यह शीतल भोग सेवा की जाएगी। बांके बिहारी मंदिर के सेवायत आचार्य ब्रज किशोर गोस्वामी ने बताया कि भक्त अपने आराध्य को फलों का शरबत, चना, मूंग की भीगी दाल, फलों में खरबूज, ठंडाई, किसमिस, दही-बड़ा आदि निवेदित करते हैं।