मथुरा में अब कंटेनर डिपो नहीं बनेगा। टीटीजेड में प्रदूषण का हवाला देते हुए इस क्षेत्र में काम करने वाली भारत सरकार की संस्था ने मथुरा में कंटेनर डिपो स्थापित करने से इंकार कर दिया है।
मथुरा के कारोबार को गति देने के लिए मथुरा में कंटेनर डिपो स्थापित कराने को प्रयास किए जा रहे थे। सांसद हेमामालिनी ने दिल्ली तक पैरवी की। कंटेनर डिपो की स्थापना से टोंटी, साड़ी, चांदी और माला का निर्यात बढ़ता। रोजगार के अवसर भी पैदा होते।
बताया जाता है कि कंटेनर डिपो के लिए सर्वे का भी काम करा लिया गया था। मगर अब भारत सरकार के उपक्रम कोनकोर ने कंटेनर डिपो के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
कोनकोर के निदेशक अनिल कुमार गुप्ता ने सांसद को अवगत कराया है कि टीटीजेड के दायरे में इसकी स्थापना संभव नहीं है।
इसके अलावा प्रस्तावित डेेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पास लॉजिस्टिक सुविधाओं के विकास के लिए भाऊपुर कानपुर के पास और मथुरा के उत्तर में हरियाणा स्थित प्रिथला पर टर्मिनल के विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में मथुरा में स्थापना संभव नहीं है।