पूर्व की बसपा सरकार के बड़ी योजनाओं में शुमार रहा सौ शैया अस्पताल अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। यहां लाखों की लागत से बना ब्लड बैंक शोपीस है। इसके चलते मरीजों को रक्त के लिए जिला मुख्यालय तक दौड़ लगानी पड़ती है।
लगभग पांच साल पहले मायावती के नेतृत्व वाली बसपा सरकार ने मथुरा-वृंदावन रोड पर करोड़ों की लागत से सौ शैया अस्पताल का निर्माण कराया था। इसका उद्देश्य मथुरा-वृंदावन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना था। इसके लिए यहां अत्याधुनिक मशीनों के साथ ही विशेष चिकित्सा के प्रबंध भी किए गए। रक्त संग्रह के लिए ब्लड बैंक की स्थापना हुई और पैथोलॉजिस्ट के दो पद भी सृजित किए गए।
गौर करने वाली बात ये है कि जब से ब्लड बैंक बनी है तभी से ये दोनों पद खाली हैं। इसके चलते आज तक ब्लड बैंक प्रारंभ ही नहीं हो सकी है। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एके पालीवाल ने बताया अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट न होने के चलते ब्लड बैंक संचालित नहीं हो पा रही है। हमने शासन को पत्र लिखा है इसके अलावा प्रमुख सचिव के निरीक्षण के दौरान भी ये समस्या रखी गई थी।