कमिश्नर के जवाब और डीएम की पेशी के बाद भी गोवर्धन परिक्रमा मार्ग को लेकर एनजीटी ने राज्य सरकार पर 50,000 रुपये का हर्जाना लगा दिया है। राज्य सरकार को यह राशि गिरिराज महाराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान को हर्जाने के तौर पर देनी होगी। इससे अफसरों में खलबली मची हुई है।
21 फरवरी को सुनवाई के दौरान डीएम नितिन बंसल के जवाब से एनजीटी संतुष्ट नहीं हुई है। एनजीटी ने निर्धारित 17 बिंदुओं पर कार्रवाई पूर्ण करने का शपथ पत्र मांगा है। अब तक की प्रगति से नाराजगी जाहिर करते हुए राज्य सरकार पर 50,000 रुपये का हर्जाना लगा दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 21 मार्च को होनी है।
इसकी तैयारी के लिए 21 फरवरी के आदेश का इंतजार कर रहे अफसरों ने अब शासन को यथा स्थिति से अवगत करा दिया है। परिक्रमा मार्ग से जुडे़ 17 बिंदुओं पर आठ विभागों को काम करना है। इसके लिए संबंधित विभागों के प्रमुख सचिवों को एनजीटी के आदेश से अवगत कराते हुए उसके क्रियान्वयन की अपील की गई है। अगली सुनवाई में संबंधित विभागों के प्रमुख सचिवों को एनजीटी में शपथ पत्र भी दाखिल करने हैं।