गिरिराज नगरी के प्रमुख मंदिरों में नववर्ष की तैयारियां पूर्ण कर ली गईं हैं। यहां विशेष दुग्धाभिषेक, छप्पन भोग, फूल बंगला सजाए जाएंगे।
गिरिराज मुखारबिन्द मुकुट मंदिर के अर्जुन पुजारी ने बताया है कि एक जनवरी को सुबह चार बजे गिरिराज महाराज का विशेष जड़-बूटियों के साथ दुग्धाभिषेक सेवाधिकारी राजू फौजी और अन्य विद्वानों के साथ मंत्रोच्चारण के बीच होगा।
उसके बाद मंगला आरती होगी और दूध चढ़ाने के लिए मंदिर खोल दिया जाएगा। दुग्धाभिषेक संपन्न होने के बाद विग्रहों को गर्म पोशाक धारण करा फूल बंगला और छप्पन भोग सजाया जाएगा।
शाम को सात बजे गिरिराज महाराज और मानसी गंगा की महाआरती होगी। गिरिराज दानघाटी मंदिर पर सुबह चार बजे दुग्धाभिषेक, मंगला आरती और दूध चढ़ाने के लिए मंदिर खोल दिया जाएगा। दूध दोपहर 2 बजे तक चढ़ाया जाएगा और उसके बाद भव्य फूल बंगला सजेगा। शाम छह बजे महाआरती होगी।
31 दिसंबर को रात भर श्रद्धालु गिरिराज महाराज की परिक्रमा करेंगे। परिक्रमा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भंडारों की व्यवस्था की है। कुसुुम सरोवर स्थित गिरिराज संत सेवा आश्रम पर रघुनाथ दास के निर्देशन में नववर्ष के दिन सुबह पूजा पाठ-हवन किया जाएगा। इसमें भाग लेने के लिए श्रद्धालु अभी से आ गए हैं।