वर्ष 2016 के पहले दिन लाखों श्रद्धालुओं ने धर्मनगरी में ठाकुरजी के दर्शन कर नए साल की शुरुआत की। श्रद्धालुओं ने युगल सरकार के चरणों में माथा टेका और साल भर के लिए मंगलकामनाएं कीं।
बीते वर्षों की तुलना मेें इस बार साल का पहला दिन वृंदावन में बिताने वालों की संख्या कुछ कम बताई जा रही है लेकिन अध्यात्म में डूबे श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं रहा। स्थानीय लोगों ने भी सबसे पहले ठाकुर बांकेबिहारी सहित अन्य मंदिरों में दर्शन कर दिन और साल की शुरुआत की। नगर के राधावल्लभ, राधारमण, प्रेम मंदिर, कात्यायनी मंदिर, राधादामोदर और सेवाकुंज आदि मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ थी।
इधर बांकेबिहारी मंदिर में अव्यवस्थाओं के कारण भक्तों को परेशानी का भी सामना करना पड़ा। मंदिर में सुरक्षा के लिए लगाया गया पुलिस फोर्स व्यवस्थाओं को संभालने के प्रति उदासीन दिखाई दिया। मंदिर के सभी गेट से श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश करते दिखे। सुरक्षा इंतजाम भी पर्याप्त नहीं थे।
भरतपुर निवासी अयोध्या प्रसाद ने बताया कि नया साल सबके लिए मंगलमय हो। यहीं मांगने वे ठाकुर जी की शरण में आए हैं। दिल्ली निवासी विवेक ने कहा कि भगवान के श्रीचरणों में नया वर्ष मनाने पर धार्मिक अनुभूति होती है। पाश्चात्य चकाचौंध से हटकर भारतीय परिवेश में नये वर्ष का स्वागत करना चाहिए। वर्ष के प्रथम दिन श्रद्धालुओं ने वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा भी लगाई।
जाम से नहीं मिली निजात
नए साल के पहले दिन भी धर्मनगरी वृंदावन में चहुंओर जाम लगा रहा। शहर के अंदर तिराहे, चौराहों और बाजारों में वाहन फंसे रहे। जाम के कारण नगरवासियों के साथ-साथ बाहर से आए श्रद्धालु भी परेशान हुए। चारों तरफ बस, ट्रैक्टर, ई-रिक्शा, टेंपो और चौपहिया वाहनों का जमावड़ा रहा। कई जगह गाड़ियां शहर के अंदर आती देखी गईं। इससे नगर के रमणरेती, अटल्ला चुंगी, बिहारीजी मंदिर क्षेत्र, विद्यापीठ चौराहा, हरिनिकुंज, परिक्रमा मार्ग में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।