वर्तमान रास्ते रहेंगे अप्रभावित, मिलेंगे नए विकल्प
सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने साफ किया कि कॉरिडोर के निर्माण से वर्तमान का कोई भी रास्ता प्रभावित नहीं होगा। बल्कि, यह श्रद्धालुओं को कई नए प्रवेश विकल्प देगा। मुख्य प्रवेश द्वार परिक्रमा मार्ग स्थित जुगल घाट की ओर होगा। इसके अलावा, विद्यापीठ मार्ग और निधिवन से आने वाले भक्तजन भी सीधे कॉरिडोर में प्रवेश कर सकेंगे, जिससे भीड़ का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा और दर्शन करना आसान हो जाएगा।
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अफवाहों पर सख्त कार्रवाई, मंदिर बंद नहीं होगा
सीईओ श्याम बहादुर सिंह निर्माण के दौरान मंदिर बंद करने की उन बेवजह की अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं होने जा रहा है। निर्माण के दौरान न मंदिर बंद होगा और न किसी मंदिर का अधिग्रहण किया जाएगा। जिला प्रशासन अब अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रख रहा है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। सरकार ब्रज के विकास और भक्तों की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है, और इस पवित्र कार्य में किसी भी बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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भक्ति और विकास का नया मार्ग प्रशस्त
यह कॉरिडोर न केवल भीड़ प्रबंधन में सहायक होगा, बल्कि वृंदावन में धार्मिक पर्यटन को भी नया आयाम देगा। योगी सरकार की यह पहल दर्शाती है कि वह श्रद्धालुओं की भावनाओं और क्षेत्र के विकास के प्रति कितनी गंभीर है। यह श्री बांके बिहारी जी के धाम को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे श्रद्धालुओं को अद्भुत दर्शन का अनुभव मिलेगा।