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भजन कुटी प्रकरण: कोर्ट ने आरोपियों को दी जमानत

Mon, 04 Jan 2016 11:16 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला मथुरा
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परिक्रमा मार्ग स्थित नेपाली समाज की भजन कुटी ढहाए जाने के मामले में नया मोड़ आया है। कोर्ट ने चामुंडा मंदिर के सेवायत सहित सभी आरोपियों पर लगी संगीन धाराएं हटाते हुए उन्हें जमानत दे दी है। सेवायत पक्ष के लोगों ने दो माह पहले हुए इस प्रकरण को भजनकुटी के सचिव का षड्यंत्र बताया। 
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भजनकुटी को ढहाने के मामले में मुख्य आरोपी चामुंडा मंदिर के सेवायत बिहारीलाल सोमवार को पत्रकार वार्ता की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भजन कुटी सेवा संस्थान नाम का कोई ट्रस्ट नहीं है।

ट्रस्ट बनाने वाले अधिकांश पदाधिकारियों का निधन हो चुका है। इसके संस्थापक यदुनंदन दास ने अपनी अंतिम पंजीकृत वसीयत सात अक्तूबर 2002 को शिष्य सर्वेश्वर दास के नाम कर दी थी। 25 जुलाई 2006 को सर्वेश्वर दास ने पावर ऑफ अटार्नी त्रिलोकीनाथ और लक्ष्मी देवी के नाम कर दी। 26 अक्तूबर 2006 को इन दोनों के नाम बैनामा हो गया। 
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बिहारीलाल के अनुसार जब बैनामा की जानकारी भजनकुटी के कथित पदाधिकारियों को हुई तो उन्होंने इसे निरस्त कराने के लिए वाद दायर किया लेकिन न्यायालय ने इसे 30 अप्रैल 2009 को निरस्त कर दिया।

इसके बाद पदाधिकारियों ने सर्वेश्वर दास, त्रिलोकीनाथ, लक्ष्मी देवी, गौरीशंकर और मेरे विरुद्ध कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन पुलिस जांच में आरोप झूठे पाए जाने पर इसमें भी एफआर लगा दी गई।

भजनकुटी में हुई तोड़फोड़ पर बिहारीलाल का आरोप है कि जमीन पर कब्जा बनाए रखने के लिए वर्तमान कथित ट्रस्ट के सचिव बालकृष्ण देवाचार्य ने षड्यंत्र रचा और छह नवंबर 2015 को खुद ही निर्माण ढहा दिया।

मामले में सेशन कोर्ट ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बिहारी लाल सहित अन्य आरोपियों पर से डकैती, लूट, अपहरण, हत्या का प्रयास आदि संगीन धारा हटा दी है। इसके बाद सभी को जमानत मिल गई। अब यह संपत्ति विवाद बनकर रह गया है।

इधर, भजन कुटी सेवा संस्थान के सचिव बालकृष्ण देवाचार्य का कहना है कि ट्रस्ट के बारे में बताई गईं बातें बेबुनियाद हैं। समय आने पर साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे।

नेपाल दूतावास तक पहुंचा मामला
वृंदावन। नेपाली समाज की भजन कुटी ढहाने के मामले में नेपाल दूतावास के अधिकारियों ने सोमवार को वृंदावन पहुंचकर समाज के लोगों से वार्ता की। उन्होंने पूरे प्रकरण में हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।

नेपाल दूतावास से आए श्रीकृष्ण ढकाले और तीर्थराज बागले सोमवार शाम को कोतवाली पुलिस केे साथ भजनकुटी पहुंचे। यहां उन्होंने ढहाए गए निर्माण वाले स्थान पर अब तक हुए नव निर्माण की जानकारी ली।

इसके बाद भजनकुटी सेवा संस्थान के सचिव और नेपाली समाज की वृद्धाओं से वार्ता की। अधिकारियों का कहना था कि समाज के लोगों ने दूतावास को पत्र लिखकर इस प्रकरण में न्याय दिलाने की मांग की थी। आज जिलाधिकारी से मिलकर पीड़ितों को पूरी सुरक्षा दिलाने के लिए कहा गया है।

भजनकुटी सेवा संस्थान के सचिव बालकृष्ण देवाचार्य का कहना है कि छह नवंबर को भजनकुटी ढहाने के मामले में स्थानीय प्रशासन ने दोषियों के विरुद्ध जो कार्रवाई की वो पर्याप्त नहीं थी। उन्होंने दूतावास के अधिकारियों से सुरक्षा बढ़ाने के और सहयोग की गुहार लगाई है। इस अवसर पर नवल किशोर, महंत वृंदावनदास, साध्वी श्रीजी आदि उपस्थित थे।
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