बिजली के लिए अब ग्रामीणों को सड़क पर नहीं आना होगा। न तो कम वोल्टेज की समस्या रहेगी और न रोस्टिंग की वजह से कटौती का सामना करना पड़ेगा। छह गांवों में अब नए बिजलीघर बनाए जा रहे हैं। इससे 150 से अधिक गांवों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम की ओर से ग्रामीण इलाकों में बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए गांव सकतपुर, मिट्ठौली, पलसों, देवी आटस, बढ़ा बांगर और सतोहा में 33 केवीए के नए बिजलीघर बनाए जा रहे हैं। पांच एमवीए के इन बिजलीघरों से तीन से चार फीडरों को जोड़ा जाएगा।
इन फीडरों से जुड़े गांवों में अब लो वोल्टेज की समस्या खत्म होगी और रोस्टिंग के चलते होने वाली कटौती से मुक्ति मिलेगी। एक्सईएन ग्रामीण आरपीएस तोमर ने बताया कि नए बनने वाले बिजलीघर 2017 में तैयार हो जाएंगे इन बिजलीघरों से 16 फीडरों को जोड़ा जाएगा। इससे 150 से अधिक गांवों और मजरों के लोगों को 18 घंटे तक बेहतर बिजली मिल सकेगी।