मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण में माता रुक्मिणी को पक्षकार बनाने के लिए गुरुग्राम की नीतू सिंह ने इंप्लीडमेंट एप्लीकेशन दाखिल की है। हाईकोर्ट में उन्होंने यह एप्लीकेशन कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर की याचिका में दाखिल की है। मामले में अब 23 मई को सुनवाई होनी है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि बनाम शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण में माता रुक्मिणी को पक्षकार बनाए जाने के लिए कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। जन्मभूमि और शाही ईदगाह से जुड़ी अन्य याचिकाओं के साथ ही इसकी भी सुनवाई चल रही है। अब 23 मई को होने वाली सुनवाई से पहले एक नया मोड़ आ गया है। कौशल किशोर ठाकुर द्वारा दायर याचिका में गुरुग्राम के हरसरु निवासी नीतू सिंह चौहान ने इंप्लीडमेंट एप्लीकेशन दाखिल की है।
एप्लीकेशन में उन्होंने बताया कि कि भगवान श्रीकृष्ण की धर्मपत्नी माता रुक्मिणी जी हैं और उनके पुत्र वंश में आज भी जादोन, जड़ेजा, भाटी, क्षत्रिय और यदुवंश मौजूद हैं। कहा कि एक मां अपने बच्चों के कुलपिता के अस्तित्व को बचाने को लेकर प्रतिबद्ध होती है, साथ ही अपने पति के भी अधिकार और अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष करती है। इसलिए वह इस न्यायिक लड़ाई में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के गर्भगृह को बचाने की लड़ाई में सक्रिय रूप से सहभागिता अपनी निकटम मित्र के रूप में करती हैं। यह उनका उनका संविधा प्रदत्त अधिकार है। उन्होंने मांग की है कि क़ानूनी प्रक्रिया की हकदार कृष्ण की पटरानी को बिना सुने कोई निर्णय न लिया जाए।
यह आवेदन अधिवक्ता राणा प्रताप सिंह के माध्यम से उच्च न्यायालय में दाखिल किया गया है। इस आवेदन को दाखिल कराने के लिए पक्षकार कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर स्वयं उपस्थित रहे।