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भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करतीं हैं मां काली

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कैंट स्थित काली मां मंदिर। - फोटो : MATHURA
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मथुरा। शहर के कैंट क्षेत्र में स्थित कैंट वाली काली मां को साक्षात दुर्गा शक्ति का अवतार माना जाता है। मां काली अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूूरी करती हैं और उनके दुखों को हर लेती हैं। नवरात्र में मां के दर्शन के लिए हजारों भक्त आते हैं।
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क्या है मान्यता
मंदिर के बारे में मान्यता है कि मथुरा के एक भक्त को स्वप्न में मां ने दर्शन दिए। भक्त के अनुरोध पर भगत ने मंदिर का निर्माण कराया। यह मंदिर लगभग 100 साल पुराना है। मंदिर के पुजारी दिनेश चतुर्वेदी नौघर वाले बताते हैं उनके परिवारी कन्हैयालाल चतुर्वेदी को मां ने अपने प्राकट्य का स्वप्न दिया था। स्वप्न में बताए स्थान पर खोदाई कराई तो मां का विग्रह प्रकट हुआ।
इसके बाद मां के भगत कालीचरन ने देवी की सेवा की तो उनकी मनोकामना पूरी हुई। इस पर कालीचरन भगत ने मंदिर का निर्माण कराया और जयपुर से देवी की भव्य प्रतिमा बनवाकर वैदिक रीति से स्थापना कराई। तभी से मंदिर में रोज पूजा-अर्चना होती है और हर नवरात्रों में मेला लगाया जाता है और शाम को बंगला झांकी के दर्शन होते हैं। शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर मां के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त यहां आते हैं।
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बस स्टैंड से एक किलोमीटर दूर है मंदिर
कैंट वाली मां काली देवी का मंदिर पुराने बस स्टैंड से लगभग एक किलोमीटर दूर आगरा रोड पर है। वहीं, मथुरा कैंट रेलवे स्टेशन से आधा किलोमीटर की दूरी है।
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